अमेरिका और ईरान के बीच पिछले तीन महीनों से जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को दावा किया कि दोनों देशों के बीच शांति समझौते के प्रारंभिक मसौदे (MoU) पर सहमति बन गई है
और संघर्ष समाप्त होने की स्थिति में पहुंच गया है। हालांकि ईरान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि अभी किसी भी समझौते पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच रविवार को जिनेवा में प्रस्तावित समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबाफ के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि मसौदे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है।
इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर शुरुआती सहमति बन चुकी है और आगे की औपचारिकताओं पर काम चल रहा है। वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा, जबकि ट्रंप ने भी दोहराया कि ईरान परमाणु बम नहीं बना पाएगा।
समझौते की खबरों के बीच वैश्विक बाजारों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में तेजी दर्ज की गई है। भारत में भी बाजार मजबूत रहे और बीएसई में करीब 1700 अंकों की उछाल देखी गई। सोने की कीमतों में गिरावट और रुपये में मजबूती भी दर्ज हुई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रस्तावित मसौदे में ईरान पर प्रतिबंधों में ढील, विदेशों में जमी संपत्तियों की रिहाई और क्षेत्रीय तनाव कम करने जैसे प्रावधान शामिल हो सकते हैं। हालांकि ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी ‘रेड लाइंस’ से समझौता नहीं करेगा।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि मसौदे के कुछ हिस्सों पर सहमति बनी है, लेकिन अंतिम निर्णय अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि ईरान अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा है और सभी संबंधित संस्थाएं प्रस्ताव की समीक्षा कर रही हैं।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी समझौते के बदले ईरान को बिना शर्त वित्तीय सहायता या नकद भुगतान नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समझौता पूरी तरह सुरक्षा शर्तों और प्रतिबद्धताओं पर आधारित होगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने लीक रिपोर्टों को खारिज करते हुए कहा कि सामने आई जानकारी वास्तविक मसौदे से मेल नहीं खाती और गलत तरीके से पेश की जा रही है। वहीं इजरायल ने दोहराया है कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को किसी भी स्थिति में आगे नहीं बढ़ने देगा।
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