अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान के खिलाफ कार्रवाई को बड़ी कामयाबी बताते हुए दावा किया कि तेहरान की नौसेना, रडार सिस्टम और वायुसेना बुरी तरह तबाह हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ईरान के कई शीर्ष नेता भी मारे गए हैं, जिससे उसकी सैन्य ताकत को बड़ा झटका लगा है।
चीन द्वारा ईरान को हथियार भेजे जाने की संभावित खबरों पर ट्रंप ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर चीन ऐसा करता है, तो उसे “गंभीर समस्याओं” का सामना करना पड़ेगा।
इस्लामाबाद वार्ता पर ट्रंप का रुख
अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में जारी शांति वार्ता को लेकर ट्रंप ने कहा कि बातचीत कई घंटों से चल रही है और हालात पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि समझौता हो या न हो, अमेरिका की स्थिति मजबूत है और वह खुद को पहले ही विजेता मानता है।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नौसेना का पूरा नियंत्रण है और वहां से तेल और गैस की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में नाटो से कोई खास सहयोग नहीं मिला।
ईरानी संपत्तियों पर फैसला बाकी
ईरान की जमी हुई संपत्तियों को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि इस पर अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है। उन्होंने संकेत दिया कि यह फैसला जारी वार्ता के नतीजों पर निर्भर करेगा, लेकिन अंततः अमेरिका के पक्ष में ही परिणाम आने की उम्मीद है।
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