दिल्ली-NCR में बारिश और ओलावृष्टि से बदला मौसम, ओडिशा से तमिलनाडु तक तूफान-बारिश का अलर्ट
उत्तर भारत में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने से तापमान में गिरावट आई है और ठंडक बढ़ गई है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई है। वहीं, बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान बनने की आशंका के बीच पूर्वी और दक्षिणी भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने विभिन्न राज्यों में आंधी-तूफान, बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है।
दिल्ली-NCR में बारिश के साथ गिरे ओले
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया है। आसमान में बादलों की गड़गड़ाहट के बीच तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हरियाणा के हिसार में तेज बारिश के साथ ओले गिरने की खबर है। दिल्ली और नोएडा के कुछ हिस्सों में भी ओलावृष्टि हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों ने कुछ इलाकों में आने वाले घंटों के दौरान बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की आशंका जताई है।
बंगाल की खाड़ी में चक्रवात बनने के संकेत
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र मजबूत होकर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। पूर्वानुमान के मुताबिक, यह मौसम प्रणाली 28 अक्टूबर की सुबह उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों के आसपास पहुंच सकती है।
इसके रविवार तक गहरे अवदाब और सोमवार सुबह तक चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका जताई गई है। इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने का अनुमान है। संभावित चक्रवात के दौरान हवा की रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तूफान बनने पर इसका नाम ‘अर्नब’ होगा।
संभावित खतरे को देखते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का 28 और 29 अक्टूबर को प्रस्तावित ओडिशा दौरा स्थगित कर दिया गया है। इस दौरान उन्हें रायगढ़पुर और अपने गृह जिले मयूरभंज जाना था। राज्य में आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं।
ओडिशा, आंध्र प्रदेश और झारखंड में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती प्रणाली के प्रभाव से ओडिशा के दक्षिणी और तटीय जिलों में भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी तेज हवाओं और बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
इस प्रणाली का प्रभाव झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि, पश्चिमी हवाओं के कारण मौसम प्रणाली की दिशा और बारिश की तीव्रता प्रभावित हो सकती है, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश में इसका असर सीमित रहने का अनुमान है।
झारखंड में 28 और 29 अक्टूबर को कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। तूफान की दिशा और ताकत के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव संभव है।
तमिलनाडु और केरल में भी बिगड़ सकता है मौसम
दक्षिण भारत में भी बारिश की गतिविधियां तेज होने के आसार हैं। दक्षिण केरल तट के पास दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ उत्तर-पूर्वी मानसून की सक्रियता के कारण तमिलनाडु और केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
तमिलनाडु के विभिन्न जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम की स्थिति को देखते हुए मछुआरों को रविवार से पांच दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
मौसम प्रणालियों में लगातार हो रहे बदलाव के बीच संबंधित राज्यों में प्रशासन और मौसम विभाग की निगरानी बढ़ा दी गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय मौसम चेतावनियों का पालन करें और आंधी, बिजली गिरने तथा तेज हवाओं के दौरान सतर्क रहें।
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