1 जून से सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? सरकार ने टैक्स घटाने का किया ऐलान

4

निर्यात पर घटा पेट्रोल-डीजल टैक्स, 1 जून से लागू होंगी नई दरें; आम उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा असर

केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में कटौती की है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, पेट्रोल, डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) की नई दरें 1 जून से लागू होंगी।

नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाला टैक्स 3 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 1.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं डीजल पर यह शुल्क 16.50 रुपये से घटकर 13.50 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 16 रुपये से घटकर 9.50 रुपये प्रति लीटर रह जाएगा।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि घरेलू बाजार में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा कर ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसलिए इस फैसले का सीधा असर आम उपभोक्ताओं द्वारा चुकाई जाने वाली ईंधन कीमतों पर नहीं पड़ेगा।

क्या है विंडफॉल टैक्स?

विंडफॉल टैक्स वह अतिरिक्त कर है जो सरकार उन कंपनियों पर लगाती है, जिन्हें वैश्विक परिस्थितियों के चलते अचानक ज्यादा मुनाफा होने लगता है। भारत ने जुलाई 2022 में पहली बार यह टैक्स लागू किया था, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया था और तेल कंपनियों के मुनाफे बढ़ गए थे।

सरकार अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम और रिफाइनिंग मार्जिन को ध्यान में रखते हुए इस टैक्स की नियमित समीक्षा करती है। आमतौर पर इसकी दरों का पुनर्निर्धारण हर दो सप्ताह में किया जाता है।

किन कंपनियों को मिलेगा फायदा?

निर्यात शुल्क में कटौती से उन कंपनियों को राहत मिलेगी जो बड़े पैमाने पर पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करती हैं। इनमें निजी क्षेत्र की रिफाइनिंग कंपनियों के साथ-साथ सरकारी तेल उत्पादक और निर्यातक कंपनियां भी शामिल हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स में कमी से निर्यातकों की लागत घटेगी और उनकी कमाई में सुधार हो सकता है। हालांकि, चूंकि यह बदलाव केवल निर्यात पर लागू है, इसलिए देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर इसका तत्काल प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा।

Comments are closed.