ट्रंप ने जापानी प्रधानमंत्री की प्रशंसा की, बदले में मिला नोबेल का वादा और सहयोग के नए तोहफों का संकेत
जापान दौरे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री सानाई ताकाइची की तारीफों के पुल बांध दिए। देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने पर बधाई देते हुए ट्रंप ने कहा, “यह मजबूत महिला के हाथ हैं,” और भरोसा जताया कि उनके नेतृत्व में जापान नई ऊंचाइयों को छुएगा।
योकोसुका नौसैनिक अड्डे पर अमेरिकी विमानवाहक पोत जार्ज वॉशिंगटन पर तैनात सैनिकों के बीच ट्रंप ने ताकाइची को “विजेता महिला” बताया और कहा कि दोनों नेताओं के बीच “गहरी मित्रता” विकसित हुई है।
ताकाइची ने किया नोबेल का वादा
प्रधानमंत्री ताकाइची ने ट्रंप की वैश्विक शांति प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वह उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करेंगी। उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने और थाईलैंड-कंबोडिया विवाद सुलझाने में ट्रंप की भूमिका को “ऐतिहासिक उपलब्धि” बताया।
उपहारों से मजबूत हुआ रिश्ता
ताकाइची ने ट्रंप को दिवंगत प्रधानमंत्री शिंजो आबे की कांच में बंद गोल्फ स्टिक, गोल्फर हिदेकी मात्सुयामा के हस्ताक्षर वाला गोल्फ बैग, सोने की पत्ती जड़ी गोल्फ बॉल, और एक विशेष निवेश नक्शा भेंट किया, जिसमें 2019 के बाद से अमेरिका में जापानी निवेश को दर्शाया गया है। उन्होंने घोषणा की कि अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे होने (4 जुलाई 2026) पर जापान 250 चेरी ब्लॉसम के पेड़ उपहार में देगा।
व्यापार और रक्षा समझौते
दोनों देशों के बीच दो अहम समझौते हुए — एक व्यापार सहयोग और दूसरा रेयर अर्थ खनिजों की आपूर्ति को लेकर। ताकाइची ने कहा कि इन समझौतों से अमेरिका-जापान संबंधों का “नया स्वर्ण युग” शुरू होगा।
जापान अमेरिका में 550 अरब डॉलर का निवेश करेगा, जबकि ट्रंप प्रशासन जापानी आयात पर केवल 15% शुल्क रखेगा। ट्रंप ने बताया कि टोयोटा अमेरिका में 10 अरब डॉलर का नया निवेश करेगी।
सुरक्षा पर भी बनी सहमति
ट्रंप ने जापान के रक्षा खर्च बढ़ाने के निर्णय का स्वागत किया और कहा कि चीन के बढ़ते प्रभाव के मद्देनज़र यह कदम दोनों देशों की साझेदारी को मजबूत करेगा। ताकाइची ने रक्षा बजट को GDP के 2% तक बढ़ाने की घोषणा की।
उत्तर कोरिया के मुद्दे पर ट्रंप का बयान
ट्रंप ने उन जापानी परिवारों से भी मुलाकात की जिनके परिजन 1960-70 के दशक में उत्तर कोरिया द्वारा अगवा किए गए थे। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर सीधे किम जोंग उन से बात करने को तैयार हैं।
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