दिल्ली में 1 नवंबर से BS4 इंजन वाले कमर्शियल वाहनों की एंट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देश पर यह आदेश दिल्ली परिवहन विभाग ने जारी किया था, जो आज से लागू हो गया है। राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए अब केवल BS6 मानक वाले वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। सभी लाइट, मीडियम और हेवी गुड्स व्हीकल्स पर प्रतिबंध रहेगा, यदि वे BS4 इंजन से चलते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम दिल्ली की खराब होती वायु गुणवत्ता को सुधारने की दिशा में एक अहम प्रयास है और कंपनियों को अपने वाहनों को BS6 मानक पर अपग्रेड करने का मौका भी देगा।
कौन से वाहन चल सकेंगे?
CAQM के नोटिफिकेशन के मुताबिक, दिल्ली में केवल वहीं BS4 वाहन चल पाएंगे जो दिल्ली में रजिस्टर्ड हैं। वहीं, CNG, LNG और इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों को बिना किसी रोक-टोक के एंट्री की छूट दी गई है क्योंकि ये कम प्रदूषण फैलाते हैं। निजी गाड़ियां, टैक्सियां और ओला-उबर जैसी कैब सेवाओं पर यह बैन लागू नहीं होगा।
BS4 मानक क्या है?
भारत स्टेज-4 (BS4) इंजन मानक 1 अप्रैल 2020 से पूरे देश में लागू हुआ था। इस मानक के तहत वाहनों के इंजन और ईंधन को इस तरह बनाया जाता है कि उनसे नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx), पार्टिकुलेट मैटर (PM) और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) का उत्सर्जन कम से कम हो।
कैसे होगी निगरानी?
दिल्ली परिवहन विभाग ने सभी बॉर्डर पॉइंट्स पर RFID स्कैनिंग सिस्टम लगाए हैं ताकि BS4 वाहनों की पहचान की जा सके। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी — उनका परमिट रद्द किया जा सकता है और 20,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रदूषण कम करने की इस मुहिम में सहयोग करें।
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