ट्रैवल बैन फिर चर्चा में: ट्रंप ने 7 देशों समेत फलस्तीनियों पर लगाया प्रतिबंध

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सात और देशों के नागरिकों के साथ-साथ फलस्तीनियों पर पूर्ण यात्रा प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है।

16 दिसंबर 2025 को व्हाइट हाउस की ओर से जारी आदेश में राष्ट्रीय सुरक्षा और वीज़ा जांच प्रक्रिया में खामियों का हवाला देते हुए अमेरिका में प्रवेश पर लगे ट्रैवल बैन का विस्तार किया गया। यह कदम ट्रंप के पहले कार्यकाल की सख्त आव्रजन नीतियों की बहाली के तौर पर देखा जा रहा है।

व्हाइट हाउस के बयान में कहा गया है कि अमेरिका ऐसे विदेशियों को प्रवेश से रोकना चाहता है जो देश की संस्कृति, सरकार, संस्थानों या संस्थापक सिद्धांतों को कमजोर या अस्थिर कर सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला हाल की सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखकर लिया गया है।

यह निर्णय सीरिया में दो अमेरिकी सैनिकों और एक नागरिक की मौत के कुछ दिनों बाद सामने आया है। ट्रंप प्रशासन के अनुसार, यह घटना बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद देश में स्थिति को स्थिर करने के प्रयासों के दौरान हुई। सीरियाई अधिकारियों ने बताया कि घटना में शामिल व्यक्ति सुरक्षा बलों का सदस्य था, जिसे कथित तौर पर “चरमपंथी इस्लामी विचारों” के चलते बर्खास्त किया जाना था।

व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप लंबे समय से आव्रजन पर सख्ती की वकालत करते रहे हैं और ऐसे विदेशियों पर रोक लगाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं, जिन्हें अमेरिका और उसके नागरिकों के लिए संभावित खतरा माना जाता है। ट्रंप प्रशासन पहले ही फलस्तीनी प्राधिकरण के पासपोर्ट धारकों की यात्रा को लेकर अनौपचारिक प्रतिबंध लागू कर चुका था। इसे फ्रांस और ब्रिटेन सहित कुछ पश्चिमी देशों द्वारा फलस्तीनी राज्य को मान्यता देने के प्रयासों के बीच इजरायल के समर्थन के रूप में देखा गया था।

पूर्ण यात्रा प्रतिबंध की सूची में अफ्रीका के बुर्किना फासो, माली, नाइजर, सिएरा लियोन और दक्षिण सूडान के अलावा दक्षिण-पूर्व एशिया का लाओस भी शामिल है। व्हाइट हाउस के अनुसार, इन कदमों के साथ-साथ ट्रंप प्रशासन कुछ अन्य देशों के नागरिकों पर आंशिक यात्रा प्रतिबंध भी लागू कर रहा है। इनमें अफ्रीका का सबसे अधिक आबादी वाला देश नाइजीरिया और कुछ अश्वेत बहुल कैरेबियन देश शामिल हैं।

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