इंदौर में दूषित पानी का संकट जारी, उल्टी-दस्त और संक्रमण बढ़े
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी का संकट सात दिन बाद भी खत्म नहीं हुआ है। नगर निगम अभी तक साफ-स्वच्छ नर्मदा जल उपलब्ध कराने में विफल रहा है, जिससे निवासी टैंकरों पर निर्भर हैं। शनिवार को एक टैंकर में काई और जंग मिलने पर गुस्साए लोग पानी लिए बिना ही टैंकर लौटवा दिया।
उल्टी-दस्त के 65 नए मरीज
शनिवार को उल्टी-दस्त के 65 नए मामले सामने आए। इनमें से 15 को अस्पताल में भर्ती किया गया, जबकि बाकी को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजा गया। वर्तमान में 149 मरीज अस्पताल में हैं, जिनमें 20 की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में रखा गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की टीम ने क्षेत्र का दौरा कर मरीजों और अस्पताल स्टाफ से स्थिति का जायजा लिया। शनिवार को 13 वर्षीय बच्चे में हैजा की पुष्टि भी हुई, जिससे हैजा फैलने की आशंका बढ़ गई है।
संक्रमण किडनी और लिवर तक फैल रहा
अस्पताल में भर्ती कई मरीजों में संक्रमण किडनी और लिवर तक पहुंच चुका है। संतोष बाई की किडनी और 17 वर्षीय पवन के लिवर में संक्रमण पाया गया है। डिस्चार्ज होने के बाद करीब 20 प्रतिशत मरीजों को दोबारा अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। परिजन पूरी सावधानी बरत रहे हैं—उबला पानी और समय पर दवाइयां—but इसके बावजूद स्वास्थ्य में सुधार धीमा है।
मरीजों को दोगुनी एंटीबायोटिक
विशेषज्ञों के अनुसार, भागीरथपुरा के मरीज सामान्य उल्टी-दस्त मामलों से अलग हैं। कई मरीजों को एंटीबायोटिक की दोगुनी खुराक दी जा रही है। स्थानीय निवासी दीपक कुशवाह ने बताया कि पांच दिन से दवा लेने के बावजूद उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ।
राजनीतिक टकराव
शनिवार को कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे कांग्रेस नेताओं का भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति नियंत्रित की और दो विधायकों समेत 45 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि घटनाओं को राजनीतिक संरक्षण में दबाया जा रहा है, जबकि भाजपा ने इसे निराधार बताया।
पानी में खतरनाक बैक्टीरिया
एमजीएम मेडिकल कॉलेज की जांच में पानी में ई-कोलाई और शिगेला जैसे घातक बैक्टीरिया पाए गए हैं। विस्तृत जांच के लिए कोलकाता स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बैक्टीरियोलॉजी (NIB) की टीम शनिवार को इंदौर पहुंची। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की एमडी डॉ. सलोनी सिडाना ने अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि मरीजों को उबले पानी में घोलकर ओआरएस पिलाने की सही सलाह दी जाए और दवाओं की खुराक पर सख्ती से नजर रखी जाए।
Comments are closed.