रूस की विदेश खुफिया सेवा ने मंगलवार को दावा किया कि United Kingdom और France कथित तौर पर Ukraine को परमाणु हथियार देने की गुप्त योजना पर विचार कर रहे हैं।
रूसी एजेंसी ने इस आरोप के समर्थन में कोई सार्वजनिक प्रमाण पेश नहीं किया। लंदन और पेरिस की ओर से भी ऐसे किसी कदम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह दावा ऐसे समय सामने आया है जब 24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ रूस-यूक्रेन युद्ध चार वर्ष पूरा कर चुका है और पांचवें साल में प्रवेश कर गया है।
यूक्रेन का जवाब
यूक्रेनी राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने कहा कि चार वर्षों के संघर्ष के बावजूद रूस अपने घोषित लक्ष्यों को हासिल नहीं कर पाया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन ने अपनी स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा की है और देश को झुकाया नहीं जा सका।
युद्ध की बरसी पर यूरोपीय समर्थन दिखाने के लिए कई नेता कीव पहुंचे। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष Ursula von der Leyen भी इस मौके पर मौजूद रहीं। वहीं Emmanuel Macron ने सार्वजनिक रूप से दोहराया कि फ्रांस यूक्रेन के साथ खड़ा रहेगा।
रूस का रुख कायम
क्रेमलिन के प्रवक्ता Dmitry Peskov ने कहा कि रूस ने अभी अपने सभी सैन्य लक्ष्य हासिल नहीं किए हैं, लेकिन अभियान जारी रहेगा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा की जाएगी।
कूटनीतिक कोशिशें जारी
युद्ध समाप्त कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। जेनेवा और अबू धाबी में वार्ताएं हुईं, लेकिन अब तक कोई निर्णायक समझौता नहीं हो पाया है।
जनहानि के अनुमान
Center for Strategic and International Studies की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों पक्षों के मृत, घायल या लापता सैनिकों की संख्या 20 लाख से अधिक हो सकती है। हालांकि न मॉस्को और न ही कीव ने विस्तृत आधिकारिक आंकड़े जारी किए हैं, और दोनों पक्ष एक-दूसरे के नुकसान को बढ़ा-चढ़ाकर बताने के आरोप लगाते रहे हैं।
चार साल बाद भी युद्ध थमता नजर नहीं आ रहा, और दावों-प्रतिदावों के बीच हालात अब भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
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