प्रत्यर्पण प्रक्रिया पर फिर विराम, Nirav Modi ने UK हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

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भगोड़े हीरा कारोबारी Nirav Modi ने एक बार फिर ब्रिटेन की अदालत का दरवाजा खटखटाया है। यूके हाई कोर्ट में दाखिल नई अर्जी में उन्होंने भारत प्रत्यर्पण के फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की है। अदालत ने फिलहाल इस पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।

साल 2022 में हाई कोर्ट उनकी प्रत्यर्पण रोकने की अपील खारिज कर चुका था, लेकिन अब नई दलीलों के साथ मामला फिर से उठाया गया है।

संजय भंडारी केस का सहारा

इस बार बचाव पक्ष ने फरवरी 2025 में लंदन हाई कोर्ट द्वारा कारोबारी Sanjay Bhandari के प्रत्यर्पण को खारिज किए जाने के फैसले का हवाला दिया है। उनका कहना है कि इसी आधार पर Nirav Modi को भी राहत मिलनी चाहिए।

साथ ही, वकीलों ने एक बार फिर भारत में संभावित मानवाधिकार उल्लंघन और जेल में प्रताड़ना का मुद्दा उठाया है।

2019 से जेल में बंद

PNB घोटाले के मुख्य आरोपी Nirav Modi मार्च 2019 से लंदन की जेल में बंद हैं। उन्होंने कई बार जमानत की कोशिश की, लेकिन हर बार यह कहते हुए याचिका खारिज हुई कि उनके फरार होने का खतरा है।

  • भारत में तीन केस
  • भारत में उनके खिलाफ तीन आपराधिक मामले चल रहे हैं—
  • CBI का PNB धोखाधड़ी केस
  • ED का मनी लॉन्ड्रिंग मामला
  • गवाहों और सबूतों से कथित छेड़छाड़ का केस
  • पहले मिल चुकी है प्रत्यर्पण मंजूरी

अप्रैल 2021 में तत्कालीन ब्रिटिश गृह मंत्री Priti Patel ने उनके प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी। इसके बाद से Nirav Modi लगातार कानूनी रास्तों के जरिए इस फैसले को चुनौती दे रहे हैं।

अब उनकी नई याचिका पर अगली सुनवाई अगले महीने होने की उम्मीद है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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