NEET-2026 परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। राजस्थान के सीकर और झुंझुनूं में कथित पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई है।
जांच में सामने आया है कि परीक्षा से दो दिन पहले कई छात्रों तक एक कथित “गैस पेपर” पहुंचा था, जिसके कई सवाल असली परीक्षा से मेल खाते पाए गए। मामले की जांच कर रही राजस्थान एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) ने अब तक 15 लोगों को पकड़ा है। जांच एजेंसी को शक है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है।
केरल कनेक्शन की जांच
सूत्रों के मुताबिक, कथित गैस पेपर केरल में पढ़ाई कर रहे चूरू के एक MBBS छात्र से सीकर पहुंचा था। बताया जा रहा है कि छात्र ने यह सामग्री अपने एक दोस्त को भेजी, जिसके बाद यह सीकर के एक पीजी संचालक तक पहुंची। बाद में वहां रहने वाले छात्रों को यह पेपर उपलब्ध कराया गया।
जांच में सीकर के करियर काउंसलर राकेश मंडावरिया का नाम भी सामने आया है। आरोप है कि उन्होंने कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले संभावित सवाल बताए थे। एसओजी ने राकेश मंडावरिया समेत चार लोगों को देहरादून से हिरासत में लिया है।
120 सवाल मैच होने का दावा
एसओजी सूत्रों के अनुसार, कथित गैस पेपर करीब 250 पन्नों की PDF थी। दावा किया जा रहा है कि इसमें शामिल कई सवाल परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मेल खाते थे। खासतौर पर केमिस्ट्री सेक्शन में बड़ी संख्या में सवाल समान पाए जाने की बात कही जा रही है।
फिलहाल एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह कथित गैस पेपर कैसे तैयार हुआ और परीक्षा से पहले छात्रों तक कैसे पहुंचा। मामले में मनीष यादव और अविनाश लांबा नाम के दो युवकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जांच जारी, कई एंगल पर पड़ताल
राजस्थान एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक Vishal Bansal ने कहा था कि कथित गैस पेपर कई दिनों से छात्रों के बीच मौजूद था। हालांकि उन्होंने साफ किया कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और सभी पहलुओं की विस्तार से जांच की जा रही है।
अशोक गहलोत ने सरकार को घेरा
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द होना इस बात का संकेत है कि बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी। गहलोत ने आरोप लगाया कि सरकार ने मामले को दबाने की कोशिश की।
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