दिल्ली में राष्ट्रीय जनगणना अभियान का पहला चरण शनिवार से शुरू हो गया है। इस चरण के तहत 14 जून तक मकानों की सूचीकरण और गणना (हाउस लिस्टिंग) का कार्य पूरा किया जाएगा।
इस व्यापक अभियान के लिए लगभग 50,000 सरकारी कर्मचारियों और प्रगणकों की तैनाती की गई है, जिन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। ये टीमें दिल्ली नगर निगम क्षेत्र के करीब 32 लाख घरों तक पहुंचकर डेटा एकत्र करेंगी। सर्वे के दौरान लोगों से 33 बुनियादी सवाल पूछे जाएंगे, जो मुख्य रूप से घरों की स्थिति, सुविधाओं और संपत्ति से जुड़े होंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि एकत्र की गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
प्रशासन ने कहा है कि जनगणना में भाग लेना सभी नागरिकों के लिए आवश्यक है। यदि कोई व्यक्ति सहयोग करने से इनकार करता है, तो पहले उसे समझाने का प्रयास किया जाएगा, लेकिन लगातार इनकार की स्थिति में सेंसस एक्ट-1948 के तहत कार्रवाई का प्रावधान है, जिसमें जुर्माना और गंभीर मामलों में सजा भी शामिल है।
जनगणना कर्मियों की पहचान सत्यापित करने के लिए नागरिक उनके पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र और क्यूआर कोड स्कैन कर सकते हैं।
इस बार लोगों को ऑनलाइन स्वयं जानकारी भरने (Self Enumeration) की सुविधा भी दी गई है, जिसके तहत अब तक 1.34 लाख से अधिक लोग पंजीकरण करा चुके हैं। बाद में इन प्रविष्टियों का फील्ड स्तर पर सत्यापन किया जाएगा।
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