बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद पश्चिमी रेलवे ने मंगलवार को बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया।
अभियान के पहले दिन रेलवे भूमि पर बनी करीब 500 अवैध झोपड़ियों में से 15 से 18 फीसदी झोपड़ियां हटाई गईं। अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगी। रेलवे ने बताया कि पांच दिवसीय अभियान का उद्देश्य करीब 5,300 वर्ग मीटर जमीन को खाली कराना और बांद्रा टर्मिनस क्षेत्र में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह अभियान 23 मई तक चलाया जाएगा।
पश्चिमी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने कहा कि बांद्रा टर्मिनस के पुनर्विकास को ध्यान में रखते हुए रेलवे यहां आधुनिक सुविधाओं वाला एकीकृत परिसर विकसित करना चाहता है। योजना में एलिवेटेड रोड, बहुमंजिला इमारतें, नए प्लेटफॉर्म और रखरखाव सुविधाएं शामिल हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, गरीब नगर इलाके में रेलवे की जमीन पर करीब 500 झोपड़ियां बनी हुई थीं। अभियान के दौरान पुलिस, नागरिक प्रशासन और रेलवे सुरक्षा बल की संयुक्त टीम तैनात रही, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके।
पश्चिमी रेलवे ने बताया कि इस मामले में सार्वजनिक परिसर अधिनियम के तहत कार्रवाई कई वर्ष पहले शुरू हुई थी और 27 नवंबर 2017 को बेदखली के आदेश जारी किए गए थे। इसके बाद मामला बॉम्बे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां लंबे समय तक सुनवाई चली।
रेलवे के मुताबिक, बॉम्बे हाई कोर्ट ने 29 अप्रैल 2026 को दिए अपने आदेश में पात्र संरचनाओं को संरक्षण देते हुए अवैध अतिक्रमण हटाने की अनुमति दी थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस आदेश को बरकरार रखा, जिसके बाद रेलवे ने अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया।
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