आज जुटेंगे INDIA गठबंधन के सहयोगी दल, DMK की गैरमौजूदगी और AAP के रुख पर नजर

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INDIA गठबंधन की बैठक आज, 23 दल होंगे शामिल; चुनावी नतीजों के बाद एकजुटता की परीक्षा

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद बने नए राजनीतिक माहौल में विपक्षी INDIA गठबंधन की अहम बैठक सोमवार को नई दिल्ली में होने जा रही है। बैठक में 23 राजनीतिक दलों के शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, कुछ सहयोगी दलों के दूरी बनाने से विपक्षी एकजुटता भी चर्चा के केंद्र में रहेगी।

बैठक का आधिकारिक एजेंडा NEET-UG पेपर लीक विवाद, CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम में कथित खामियां, महंगाई, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें और केंद्र सरकार की नीतियों से जुड़े मुद्दे हैं। विपक्ष इन विषयों पर संसद और सार्वजनिक मंचों पर साझा रणनीति बनाने पर विचार कर सकता है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि बैठक दोपहर 12 बजे नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होगी। उन्होंने कहा कि कुछ दल विभिन्न कारणों से बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे, लेकिन वे केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विपक्ष के साझा रुख के साथ हैं।

बैठक से पहले तमिलनाडु की सत्तारूढ़ DMK ने इसमें हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और बदले समीकरणों की पृष्ठभूमि में इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, केरल में चुनावी मुकाबले के बाद कांग्रेस और वामपंथी दलों के बीच बढ़ी तल्खी भी विपक्षी खेमे के लिए चुनौती बनी हुई है।

इसके बावजूद कांग्रेस का दावा है कि INDIA गठबंधन मजबूती से एकजुट है और विभिन्न क्षेत्रीय दल साझा मुद्दों पर साथ मिलकर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। तृणमूल कांग्रेस ने भी बैठक में शामिल होने की पुष्टि की है। पार्टी नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि विपक्षी दल साझा उद्देश्य और सहयोग की भावना के साथ बैठक का इंतजार कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, हालिया चुनावी नतीजों के बाद गठबंधन के भीतर भविष्य की रणनीति, राज्यों में सहयोग की संभावनाओं और 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर भी चर्चा हो सकती है। ऐसे में यह बैठक केवल मौजूदा राजनीतिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विपक्षी गठबंधन की आगामी दिशा तय करने के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है।

बैठक में आम आदमी पार्टी (AAP) के रुख पर भी राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी। साथ ही यह देखने की उत्सुकता रहेगी कि विभिन्न राज्यों में उभरे मतभेदों के बावजूद INDIA गठबंधन एकजुटता का कितना मजबूत संदेश देने में सफल रहता है।

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