सीजफायर हुआ नाकाम: इजरायल के ताजा हमले, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगाया ताला

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इजरायल ने देर रात दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद क्षेत्र में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है।

इजरायली कार्रवाई से नाराज ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को अगले आदेश तक बंद करने की घोषणा की। ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी कि जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जाएगी।

हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरानी दावे को खारिज किया है। उनके अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है और शनिवार को वहां से 55 व्यापारिक जहाजों ने सुरक्षित आवाजाही की। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि 1.7 करोड़ बैरल से अधिक तेल की ढुलाई भी जारी रही।

इस घटनाक्रम से अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। दोनों देशों के बीच अगले दौर की तकनीकी वार्ता रविवार को स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित है। अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकाफ और जेरेड कुशनर वहां पहुंच चुके हैं, जबकि ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल भी रवाना हो गया है। वार्ता में पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

इजरायल ने दावा किया है कि हिजबुल्ला ने युद्धविराम लागू होने के बाद दक्षिणी लेबनान से करीब 50 रॉकेट दागे, जिसके जवाब में कार्रवाई की गई। वहीं हिजबुल्ला का कहना है कि इजरायली सेना लेबनानी क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश कर रही थी और जवाबी कार्रवाई उसी के खिलाफ की गई।

इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने सैन्य अभियान और तेज करने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर, हिजबुल्ला ने कहा है कि वह युद्धविराम के प्रति प्रतिबद्ध है, लेकिन लेबनानी क्षेत्र में किसी भी इजरायली घुसपैठ का जवाब देगा।

गौरतलब है कि फरवरी में ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद हिजबुल्ला ने मार्च में इजरायल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इसके बाद इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के करीब 10 किलोमीटर क्षेत्र को बफर जोन घोषित कर वहां सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी। मौजूदा संघर्ष में अब तक 3,900 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

इस बीच, रिपोर्टों के मुताबिक कतर और अमेरिका ईरान की फ्रीज की गई अरबों डॉलर की संपत्ति को मानवीय जरूरतों के लिए जारी करने की प्रक्रिया पर भी काम कर रहे हैं। कतर में फंसी लगभग छह अरब डॉलर की राशि खाद्य सामग्री, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।

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