होर्मुज में बढ़ा युद्ध का खतरा, अमेरिका का ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमला

0

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बावजूद मिडिल ईस्ट में तनाव फिर बढ़ गया है।

दोनों देशों के बीच एक बार फिर सैन्य कार्रवाई शुरू हो गई है। पिछले 24 घंटे के भीतर अमेरिका ने दूसरी बार ईरान के सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं। इन हमलों का वीडियो अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया है।

सेंटकॉम के अनुसार, ईरान ने पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर एम/टी किकू पर ड्रोन हमला किया था। इसके जवाब में अमेरिकी नौसेना और वायु सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और उसके आसपास स्थित ईरान के 10 सैन्य ठिकानों को मिसाइलों से निशाना बनाया। अमेरिकी सेना का दावा है कि यह कार्रवाई समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और ईरानी हमले का जवाब देने के लिए की गई।

सीजफायर पर फिर टकराए दोनों देश

हाल ही में हुए युद्धविराम समझौते के बाद यह पहली बड़ी सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने तेल टैंकर पर ड्रोन हमला कर सीजफायर का उल्लंघन किया, जबकि ईरान भी अमेरिका पर समझौता तोड़ने का आरोप लगा रहा है। दोनों देशों के दावों के बीच क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

टैंकर पर ड्रोन हमले के बाद हुई जवाबी कार्रवाई

सेंटकॉम ने बताया कि रविवार सुबह करीब 4:30 बजे ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर एम/टी किकू पर ड्रोन हमला किया। जहाज में 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल लदा था। इसके कुछ घंटों बाद अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए।

किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?

अमेरिकी सेना के मुताबिक, जवाबी हमलों में ईरान की सैन्य निगरानी प्रणाली, संचार नेटवर्क, वायु रक्षा ठिकानों, ड्रोन भंडारण केंद्रों और समुद्री बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। सेंटकॉम ने कहा कि ईरान को युद्धविराम समझौते का सम्मान करने का अवसर दिया गया था, लेकिन उसने इसके बजाय सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुना।

अमेरिकी सेना का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में उसकी तैनाती जारी है और अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जा रही है।

Comments are closed.