ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के पुनर्गठन की तैयारी तेज हो गई है।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकी हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद को संगठन में प्रमुख भूमिका सौंपने का फैसला किया है।
सूत्रों का दावा है कि लश्कर-ए-तैयबा को तीन अलग-अलग परिचालन इकाइयों में बांटने की योजना बनाई गई है। माना जा रहा है कि संगठन की रणनीति और ऑपरेशनल फैसलों की जिम्मेदारी तल्हा सईद के पास होगी। हाफिज सईद को लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक माना जाता है।
बताया जा रहा है कि संगठन की पहली इकाई बलूचिस्तान, दूसरी खैबर पख्तूनख्वा और तीसरी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सक्रिय रहेगी। पीओके में काम करने वाली इकाई का फोकस युवाओं को भारत विरोधी प्रचार से प्रभावित करने पर होगा। वहीं, कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि लश्कर के कैडरों का इस्तेमाल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के खिलाफ अभियानों में पाकिस्तानी सेना की सहायता के लिए भी किया जा सकता है।
खुफिया सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर में हुए नुकसान से सबक लेते हुए आईएसआई फिलहाल भारत में सीधे आतंकी हमलों के बजाय सूचना और दुष्प्रचार के मोर्चे पर रणनीति बदल रही है। इसके तहत एआई की मदद से फर्जी तस्वीरें, वीडियो और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित फर्जी भाषण तैयार कर सोशल मीडिया के जरिए भारत विरोधी नैरेटिव फैलाने की साजिश रची जा रही है।
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