यौन शोषण मामले में ट्रंप को अदालत से झटका, ई. जीन कैरोल को 50 लाख डॉलर का हर्जाना देना होगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यौन शोषण और मानहानि से जुड़े मामले में बड़ा कानूनी झटका लगा है। अमेरिकी अदालत ने लेखिका ई. जीन कैरोल को 50 लाख डॉलर का हर्जाना देने के आदेश को बरकरार रखा है। अदालत पहले ही ट्रंप को कैरोल के यौन शोषण और बाद में उन्हें बदनाम करने का दोषी ठहरा चुकी है।
यह मामला पहली बार ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान चर्चा में आया था। ई. जीन कैरोल द्वारा लगाए गए आरोपों को ट्रंप ने सिरे से खारिज करते हुए उन्हें “सनकी” और “पब्लिसिटी चाहने वाली” बताया था। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा, जहां 2023 में न्यूयॉर्क की संघीय जूरी ने ट्रंप को यौन शोषण और मानहानिकारक बयान देने के लिए जिम्मेदार ठहराया।
सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी राहत
पिछले सप्ताह अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप की उस अपील पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने मई 2023 के फैसले को चुनौती दी थी। उस फैसले में ट्रंप को यौन शोषण के लिए 20 लाख डॉलर और मानहानि के लिए 30 लाख डॉलर, यानी कुल 50 लाख डॉलर का हर्जाना देने का आदेश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के इनकार के साथ ही यह फैसला प्रभावी हो गया।
इसके बाद संघीय न्यायाधीश लुईस कपलान ने ट्रंप को अदालत में निर्धारित 50 लाख डॉलर की राशि जमा करने का आदेश जारी किया। अदालत ने इस रकम पर लागू ब्याज का भुगतान भी करने को कहा है, जिससे कुल देय राशि बढ़ जाएगी।
क्या हैं आरोप?
82 वर्षीय ई. जीन कैरोल पूर्व पत्रकार और कॉलमिस्ट हैं। उनका आरोप है कि 1996 में न्यूयॉर्क के एक डिपार्टमेंट स्टोर के ड्रेसिंग रूम में डोनाल्ड ट्रंप ने उनका यौन शोषण किया था। 2019 में अपनी किताब में इस घटना का जिक्र करने के बाद ट्रंप ने आरोपों को झूठा बताते हुए कहा था कि कैरोल ने यह कहानी गढ़ी है।
हालांकि, 2023 में संघीय जूरी ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ट्रंप को यौन शोषण और बाद में दिए गए बयानों के जरिए कैरोल की मानहानि करने का दोषी माना। अब सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद ट्रंप को अदालत के आदेश के अनुसार हर्जाने की राशि का भुगतान करना होगा।
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