कोसोवो की संसद में शनिवार, 8 अगस्त को उस वक्त जोरदार हंगामा हुआ, जब विपक्षी सांसद टाइम काद्रिजाज ने कार्यवाहक प्रधानमंत्री एल्बिन कुर्ती पर कई अंडे फेंक दिए।
घटना के बाद संसद की कार्यवाही रोकनी पड़ी और सुरक्षाकर्मियों ने प्रधानमंत्री को घेर लिया। यह विवाद 7 जून को हुए संसदीय चुनाव के बाद नई सरकार के गठन को लेकर जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच हुआ है। कुर्ती की पार्टी ‘वेटेवेंडोसजे’ ने 120 सदस्यीय संसद में 53 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया है, लेकिन बहुमत के अभाव में वह अकेले सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है।
विपक्षी सांसद ने पीएम पर फेंके अंडे
विपक्षी ‘अलायंस फॉर द फ्यूचर ऑफ कोसोवो’ (AAK) की सांसद टाइम काद्रिजाज आगे की पंक्ति में बैठे कुर्ती के पास पहुंचीं और उनकी ओर कई अंडे फेंके। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री पर नाराजगी जताते हुए कहा, ‘शर्म आनी चाहिए आपको।’
घटना के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मी और अन्य सांसद बीच-बचाव के लिए पहुंचे। संसद का सत्र रोक दिया गया और चेयरपर्सन ने सदन की लाइव कार्यवाही का प्रसारण बंद करने का आदेश दिया। बाद में काद्रिजाज ने घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया।
‘अंडे फेंकना कीमत है तो चुकाने को तैयार’
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हंगामे के बाद कुर्ती ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर राजनीतिक बातचीत जारी रखने की कीमत उन पर अंडे फेंका जाना है, तो वह यह कीमत चुकाने के लिए तैयार हैं।
दरअसल, कुर्ती ने नए राष्ट्रपति के चुनाव पर सहमति बनाने के लिए सांसदों से और समय मांगा था। उनसे संसद के स्पीकर पद के उम्मीदवार की घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद को लेकर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है।
सरकार गठन को लेकर जारी है गतिरोध
कोसोवो में दो साल से भी कम समय में तीन चुनाव हो चुके हैं। राजनीतिक दलों के बीच मतभेदों के चलते संसद का कामकाज लगातार प्रभावित हो रहा है।
7 जून के चुनाव में कुर्ती की पार्टी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी, लेकिन सरकार बनाने और महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों के लिए उसे विपक्षी दलों के समर्थन की जरूरत है।
18 सीटें जीतने वाली ‘डेमोक्रेटिक लीग ऑफ कोसोवो’ को संभावित गठबंधन सहयोगी माना जा रहा है। हालांकि, कुर्ती की पार्टी के नेता और लुमिर अब्दिक्सिकु के बीच हुई बातचीत से अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।
वहीं, विपक्षी ‘कोसोवो डेमोक्रेटिक पार्टी’ ने 22 सीटें जीती हैं। शुक्रवार को संसद के गठन की संवैधानिक समय-सीमा खत्म होने के बाद संकट और गहरा गया। कुर्ती ने नए चुनाव से बचने के लिए बातचीत के लिए और समय मांगा, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस कदम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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