NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से जुड़े विवाद में अब ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन (AIYAA) ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
संगठन ने 20 अगस्त को प्रदर्शन का ऐलान करते हुए BCI चेयरमैन के इस्तीफे की मांग की है। यह विवाद उस समय शुरू हुआ था जब NALSAR के छात्रों ने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई थी। छात्रों ने इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार और प्रोफेसरों को पत्र लिखा था।
BCI ने वापस लिया था फैसला
छात्रों के विरोध के बाद BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने राज्य बार काउंसिलों को निर्देश दिया था कि NALSAR के मौजूदा ग्रेजुएटिंग बैच के छात्रों को वकील के तौर पर एनरोल न किया जाए। इस फैसले के बाद विवाद बढ़ गया। सोशल मीडिया पर आलोचना और विरोध के बीच BCI ने अपना आदेश वापस ले लिया। इसके बाद मनन कुमार मिश्रा ने छात्रों से माफी भी मांगी।
उन्होंने कहा था कि विवाद से जुड़ी किसी कार्रवाई, शब्द या पत्र से अगर लॉ छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें इसका ईमानदारी से खेद है।
AIYAA ने प्रदर्शन का किया ऐलान
AIYAA ने अब इस मामले में जवाबदेही की मांग को लेकर प्रदर्शन करने का फैसला किया है। प्रदर्शन सुबह 10 बजे प्रस्तावित है। संगठन ने BCI चेयरमैन के इस्तीफे की मांग की है। CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास ने एक्स पर प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से जवाबदेही की मांग करने वाले किसी भी विरोध का समर्थन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पद पर बैठे लोगों के लिए आचरण के उच्च मानक जरूरी हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कानूनी बिरादरी में जवाबदेही की मांग करना लोकतंत्र में अधिकार के साथ-साथ जिम्मेदारी भी है। NALSAR विवाद में BCI के फैसले की वापसी और माफी के बावजूद AIYAA के प्रदर्शन के ऐलान से मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
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