शिमला और चंबा में भूकंप के झटकों से दहशत, 10 किमी गहराई में था केंद्र; कोई नुकसान नहीं

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हिमाचल प्रदेश में मानसून के सक्रिय रहने के बीच बुधवार तड़के शिमला और चंबा में भूकंप के झटके महसूस किए गए। कम तीव्रता के कारण दोनों जिलों में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, शिमला में सुबह 5:46 बजे 4.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। इसका केंद्र 31.387 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 77.787 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था।

इससे पहले चंबा में सुबह 4:38 बजे 2.5 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि प्रदेश में स्थिति सामान्य और नियंत्रण में है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, हिमाचल में 31 अगस्त तक मौसम खराब रहने का अनुमान है। इस दौरान कई हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है, हालांकि भारी बारिश को लेकर फिलहाल कोई विशेष चेतावनी नहीं है।

भूकंप के लिहाज से संवेदनशील हिमाचल

हिमाचल प्रदेश का बड़ा हिस्सा भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील जोन-4 और जोन-5 में आता है। भारतीय मानक ब्यूरो के हालिया ड्राफ्ट में पूरे हिमालयी क्षेत्र को जोन-6 में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन प्रशासनिक समीक्षा के बाद इसे रद्द कर दिया गया और मौजूदा सिस्मिक जोनिंग व्यवस्था को बरकरार रखा गया।

हिमाचल में अतीत में भी बड़े भूकंप आ चुके हैं। वर्ष 1905 में कांगड़ा और चंबा में आए विनाशकारी भूकंप में 10 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद से यह क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है।

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