एलन मस्क ने फिर शेयर किए स्क्रीनशॉट, सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर छिड़ा विवाद

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स्टारलिंक को भारत में मंजूरी नहीं मिलने पर एलन मस्क ने फिर उठाए सवाल, मुकेश अंबानी से जुड़ी खबरों के स्क्रीनशॉट किए पोस्ट

भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक को कारोबार शुरू करने की अनुमति मिलने में हो रही देरी को लेकर एलन मस्क की नाराजगी लगातार सामने आ रही है। शनिवार को उन्होंने लगातार तीसरे दिन इस मुद्दे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। इस बार मस्क ने उद्योगपति मुकेश अंबानी और रिलायंस से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों के स्क्रीनशॉट साझा किए, जिनमें भाजपा के साथ कथित संबंधों का उल्लेख किया गया था।

रिलायंस और भाजपा से जुड़ी रिपोर्टें साझा कीं

मस्क की पोस्ट में 2022 की अल जजीरा की एक रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट शामिल था। इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि रिलायंस से वित्तीय सहायता पाने वाली एक कंपनी ने फेसबुक पर भाजपा के अभियान को बढ़ावा देने में मदद की।

उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार की पुरानी रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट भी साझा किया। इसमें चुनावी बॉन्ड के माध्यम से रिलायंस से जुड़ी एक कंपनी द्वारा भाजपा को 385 करोड़ रुपये और शिवसेना को 25 करोड़ रुपये का चंदा दिए जाने का उल्लेख था। ये विवरण साझा की गई मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं।

लाइसेंस में देरी को लेकर पहले भी जताई नाराजगी

स्टारलिंक की भारतीय बाजार में एंट्री को लेकर मस्क पहले भी सवाल उठा चुके हैं। दो दिन पहले उन्होंने दावा किया था कि उनकी कंपनी पांच वर्षों से भारत सरकार के सभी कानूनों का पालन कर रही है, इसके बावजूद उसे लाइसेंस क्यों नहीं दिया गया है। इसी दौरान उन्होंने मुकेश अंबानी की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे।

शुक्रवार को भी मस्क ने अंबानी को लेकर टिप्पणी की थी। उनके ताजा पोस्ट ऐसे समय आए हैं, जब भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं को मंजूरी देने की प्रक्रिया चर्चा में है।

सरकार ने आरोपों को बताया निराधार

भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि दूरसंचार और उपग्रह संचार सेवाओं के लिए अनुमति देने की व्यवस्था निष्पक्ष और भेदभावरहित है। सरकार ने इस प्रक्रिया में किसी कंपनी को चुनिंदा तरीके से लाभ पहुंचाने या नुकसान देने के आरोपों को निराधार बताया है।

वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने मस्क की हालिया पोस्ट पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

आकाश अंबानी ने बहस पर टिप्पणी से किया इनकार

इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दौरान रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने सैटेलाइट संचार सेवाओं को लेकर जारी विवाद पर टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि कंपनी का ध्यान भारतीय उपभोक्ताओं की जरूरतों और उन्हें बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर है।

स्टारलिंक की मंजूरी को लेकर चल रहा यह विवाद भारत के तेजी से विकसित हो रहे सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में प्रतिस्पर्धा और नियामकीय प्रक्रिया पर भी ध्यान खींच रहा है।

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