दीपावली से पहले दिल्ली-NCR में बिगड़ी हवा की गुणवत्ता, GRAP-3 लागू; निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध, WFH पर विचार

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दिवाली से पहले दिल्ली-NCR में प्रदूषण का प्रकोप, GRAP-3 लागू; निर्माण कार्य बंद, 50% WFH पर फैसला

दिवाली से पहले दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। राजधानी में जहरीली हवा के बढ़ते स्तर और अगले कुछ दिनों तक हालात में सुधार की संभावना कम होने के बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार को GRAP के तीसरे चरण (Stage-III) की पाबंदियां लागू कर दी हैं।

इस फैसले के बाद पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में धूल उड़ाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही दिल्ली और NCR की राज्य सरकारों को सरकारी, नगर निगम और निजी कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था पर निर्णय लेने को कहा गया है।

400 के पार पहुंचा कई इलाकों का AQI

शुक्रवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 382 दर्ज किया गया, जबकि गुरुवार को यह 369 था। राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच गया। पंजाबी बाग में AQI 453, जहांगीरपुरी में 447 और रोहिणी में 444 रिकॉर्ड किया गया।

दिल्ली के 38 निगरानी केंद्रों में से 26 पर हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज हुई। वहीं, शहर के अन्य कई हिस्सों में भी वायु गुणवत्ता बेहद खराब बनी रही।

अगले तीन दिनों तक राहत की उम्मीद नहीं

भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM), पुणे के अनुमान के मुताबिक, 7 से 9 नवंबर के बीच दिल्ली की हवा गंभीर श्रेणी में रह सकती है। इसके बाद भी अगले छह दिनों तक प्रदूषण का स्तर गंभीर और बहुत खराब श्रेणी के बीच बने रहने की आशंका है।

विशेषज्ञों के अनुसार, हवा की कम गति और प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण प्रदूषक कण वातावरण से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। नतीजतन, प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है।

पराली, वाहनों और पटाखों से बढ़ेगा प्रदूषण

दिल्ली की हवा में वाहनों से निकलने वाला धुआं, पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने से उठने वाला धुआं और दिवाली के दौरान पटाखों से होने वाला उत्सर्जन प्रदूषण की समस्या को और गंभीर बना सकता है।

शुक्रवार को PM2.5 हवा में प्रमुख प्रदूषक रहा। इसके बेहद छोटे कण सांस के जरिए फेफड़ों के अंदर तक पहुंच सकते हैं और स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकते हैं।

GRAP-3 के तहत क्या-क्या प्रतिबंध?

निर्माण और तोड़फोड़ पर रोक: NCR में धूल पैदा करने वाली निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है।

50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम: राज्य सरकारें सरकारी, नगर निगम और निजी कार्यालयों में आधे कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति देने पर फैसला लेंगी।

प्रदूषण नियंत्रण के अतिरिक्त उपाय: हवा की गुणवत्ता को और बिगड़ने से रोकने के लिए GRAP-3 के तहत निर्धारित आपातकालीन प्रतिबंध लागू किए गए हैं।

दिवाली से ठीक पहले प्रदूषण का गंभीर स्तर पर पहुंचना दिल्ली-NCR के निवासियों के लिए बड़ी चिंता बन गया है। आने वाले दिनों में हवा की रफ्तार और मौसम की परिस्थितियां तय करेंगी कि राजधानी को जहरीली हवा से कितनी जल्दी राहत मिलती है।

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