Donald Trump प्रशासन रूसी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद पर दी गई अस्थायी छूट को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। US Department of the Treasury की ओर से दी गई 30 दिन की यह राहत 11 अप्रैल को खत्म हो रही है।
सप्लाई बढ़ाने की कोशिश
इस छूट के जरिए करीब 10 करोड़ बैरल रूसी कच्चा तेल वैश्विक बाजार में आ सकता है। रूस के विशेष दूत किरिल दिमित्रीव के मुताबिक, यह मात्रा दुनिया के एक दिन के कुल उत्पादन के बराबर है, जो तेल की कीमतों को स्थिर रखने में मदद कर सकती है।
सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात कर इस छूट को बढ़ाने पर चर्चा की। संकेत हैं कि प्रशासन इस राहत को जारी रखने के पक्ष में है, हालांकि अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
होर्मुज का असर, बढ़ा दबाव
पश्चिम एशिया में तनाव के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बना हुआ है। Strait of Hormuz आंशिक रूप से प्रभावित होने से सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। इस रूट से पहले दुनिया के करीब 20% तेल और गैस का ट्रांसपोर्ट होता था, जिससे कीमतों में तेजी देखी जा रही है।
भारत के लिए कतर का भरोसा
इस बीच Qatar ने भारत को भरोसा दिलाया है कि ऊर्जा आपूर्ति जारी रहेगी। कतर के ऊर्जा मंत्री Saad Sherida Al-Kaabi ने दोहा में Hardeep Singh Puri के साथ बैठक में यह आश्वासन दिया।
भारत सरकार के मुताबिक, पुरी ने इस दौरान Narendra Modi का संदेश भी कतर नेतृत्व को सौंपा। दोनों देशों ने क्षेत्रीय तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया।
संघर्षविराम का समर्थन
दोनों पक्षों ने 8 अप्रैल को घोषित दो सप्ताह के संघर्षविराम का स्वागत किया और ऊर्जा सप्लाई में आ रही बाधाओं को जल्द दूर करने की जरूरत बताई।
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