दिल्ली PG हादसे की खुली पोल: 40 साल पुरानी बिल्डिंग, अवैध निर्माण और बारिश में डूब जाता था बेसमेंट

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दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने से छह लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया।

हादसे के बाद इमारत के निर्माण, उसकी मजबूती और वहां चल रहे PG को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। शुरुआती जांच में करीब 40 साल पुरानी इमारत में बाद में किए गए निर्माण और बेसमेंट में चल रहे मरम्मत कार्य की बात सामने आई है।

100 गज के प्लॉट पर बनी थी पांच मंजिला इमारत

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, करीब 40 साल पहले इस प्लॉट पर दो मंजिला इमारत बनाई गई थी। बाद के वर्षों में बेसमेंट तैयार किया गया और तीन अतिरिक्त मंजिलें भी जोड़ दी गईं। इस तरह करीब 100 गज के प्लॉट पर पांच मंजिला इमारत खड़ी कर दी गई।

इमारत की ऊपरी मंजिलों में ‘हॉस्टल डेज’ नाम से PG चल रहा था, जहां दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के छात्र रह रहे थे। वहीं भूतल पर दुकानें बनी थीं, जो लंबे समय से बंद बताई जा रही हैं।

बेसमेंट में चल रहा था मरम्मत कार्य

हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि बारिश के दौरान बेसमेंट में पानी भर जाता था। लगातार जलभराव से इमारत की नींव और ढांचे पर असर पड़ा या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।

हालांकि, इमारत गिरने की वास्तविक वजह विस्तृत जांच के बाद ही साफ हो सकेगी।

अवैध रूप से चल रहा था PG

जांच में यह भी सामने आया है कि इमारत में PG का संचालन नियमों के तहत नहीं किया जा रहा था। ‘हॉस्टल डेज’ नाम से चल रहे इस PG में बड़ी संख्या में DU के छात्र रहते थे।

हादसे में दो छात्रों समेत छह लोगों की मौत हो चुकी है। मलबे से निकाले गए अन्य छात्रों और श्रमिकों को एम्स ट्रॉमा सेंटर, सफदरजंग अस्पताल और आरआर अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक घायल को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

मृतकों में छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी युवराज और के. अभिषेक की पहचान हुई है, जबकि अन्य की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी

हादसे की सूचना मिलते ही NDRF, दमकल विभाग और दिल्ली पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। स्थानीय लोगों और दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी राहत एवं बचाव अभियान में मदद की। मलबे में अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए तलाशी अभियान चलाया गया।

साउथ कैंपस थाना पुलिस ने भवन मालिक हरिओम बंसल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, वह गुरुग्राम के सेक्टर-23 का रहने वाला है और उसकी तलाश की जा रही है।

पिछले साल PG के लिए लीज पर दी गई थी इमारत

पुलिस सूत्रों के अनुसार, भवन मालिक ने पिछले साल इमारत को शुधांशु शुक्ला नामक व्यक्ति को ‘हॉस्टल डेज’ PG के संचालन के लिए लीज पर दिया था। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इमारत में निर्माण, बेसमेंट, PG संचालन और सुरक्षा मानकों को लेकर नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

DCP अमित गोयल के मुताबिक, रविवार दोपहर करीब 1:34 बजे साउथ कैंपस थाना पुलिस को सत्य निकेतन मार्केट में इमारत गिरने की PCR कॉल मिली थी। सूचना के बाद बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे।

गौरतलब है कि इससे पहले 30 मई को दिल्ली के सैदुलाजाब इलाके में भी पांच मंजिला इमारत गिरने से छह लोगों की मौत हुई थी। सत्य निकेतन हादसे ने एक बार फिर पुराने भवनों, अवैध निर्माण और जिम्मेदार एजेंसियों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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