कर्नाटक में अमेजन के गोदामों से 4 लाख की दवाएं जब्त, बेंगलुरु हॉकी क्लब में एक्सपायर्ड ड्रिंक्स मिलने से हड़कंप
कर्नाटक में नियमों के उल्लंघन को लेकर दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई की गई है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अमेजन के दो ऐसे स्टोरेज परिसरों पर छापेमारी की, जहां वैध ड्रग लाइसेंस के बिना दवाओं का भंडारण किया जा रहा था। दोनों जगहों से कुल 4,02,352 रुपये की दवाएं जब्त की गईं। विभाग के मुताबिक, बिना लाइसेंस दवाओं के भंडारण और वितरण की सूचना मिलने के बाद राज्य खुफिया शाखा ने कार्रवाई की।
अमेजन के दो परिसरों में छापेमारी
पहली कार्रवाई अनेकल तालुक के थट्टानहल्ली स्थित मेसर्स अमेजन सेलर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में हुई। राज्य खुफिया शाखा के सहायक औषधि नियंत्रक मनोहर के नेतृत्व में टीम ने यहां 2,45,352 रुपये की दवाएं जब्त कीं। दूसरी छापेमारी देवनहल्ली के एयरोस्पेस इलाके में स्थित अमेजन केंद्र पर की गई। बैंगलोर ग्रामीण की औषधि निरीक्षक विभा के नेतृत्व में अधिकारियों ने यहां से 1,57,000 रुपये की दवाएं बरामद कीं।
विभाग ने दोनों कार्रवाइयों को बिना लाइसेंस दवाओं के भंडारण के खिलाफ समन्वित कार्रवाई बताया है। मामले पर अमेजन की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
बेंगलुरु हॉकी क्लब में एक्सपायर्ड ड्रिंक्स
इसी दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी क्षेत्र के बेंगलुरु हॉकी क्लब का भी औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान क्लब के स्टोर में 40 बोतल एक्सपायर्ड सॉफ्ट ड्रिंक्स मिलीं। अधिकारियों को सोडा की बोतलों पर एफएसएसएआई के निर्धारित मानकों के अनुरूप लेबलिंग भी नहीं मिली। इसके अलावा रसोई और खाद्य भंडारण वाले हिस्सों में साफ-सफाई की स्थिति खराब पाई गई।
रसोई में मिला कीटों का प्रकोप
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रसोई में कीट-पतंगों का प्रकोप भी देखा। इससे खाद्य सामग्री के दूषित होने का खतरा पाया गया। विभाग ने एक्सपायर्ड और गैर-मानक लेबल वाले उत्पादों को जब्त कर लिया। क्लब के खाद्य व्यवसाय संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग के अनुसार, मामले में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और लाइसेंसिंग एवं पंजीकरण विनियम, 2011 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों ने कहा कि खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच आगे भी जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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