हैदराबाद में LPG संकट गहराया: ढाबों-रेस्तरां पर असर, कारोबार में 40-45% तक गिरावट

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Hyderabad में एलपीजी संकट से ठप पड़ता कारोबार: ढाबों-रेस्तरां को 40-45% तक नुकसान, विकल्प भी पड़े महंगे

Hyderabad में एलपीजी सिलेंडर की लगातार कमी ने शहर के छोटे-बड़े ढाबों और रेस्तरां कारोबारियों को गंभीर संकट में डाल दिया है। कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 4,000 से 7,000 रुपये तक पहुंचने से लागत बेतहाशा बढ़ गई है, जिसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। कई रेस्तरां मालिक 40 से 45 प्रतिशत तक नुकसान की बात कर रहे हैं।

The Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, गैस की कमी के कारण रेस्तरां संचालकों को मजबूरन लकड़ी और इंडक्शन चूल्हों का सहारा लेना पड़ रहा है। हालांकि, यह विकल्प लंबे समय तक टिकाऊ नहीं हैं। इनसे इनपुट लागत लगभग तीन गुना तक बढ़ गई है और खाना बनने में भी ज्यादा समय लग रहा है—जहां पहले 30-35 मिनट लगते थे, अब एक घंटे से अधिक समय लग रहा है। इससे ग्राहक इंतजार नहीं कर पा रहे और ऑर्डर कम हो रहे हैं।

एलपीजी संकट के चलते कई रेस्तरां मालिकों ने अपना मेन्यू सीमित कर दिया है। दूसरी ओर, लकड़ी भी सस्ता विकल्प नहीं रह गया है—इसकी कीमत बढ़कर 6 से 11 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। एक रेस्तरां को एक बार में करीब 350 किलो लकड़ी मंगानी पड़ रही है, जो महज चार दिन चल पाती है।

National Restaurant Association of India (एनआरएआई) के हैदराबाद चैप्टर के अध्यक्ष संदीप बी के अनुसार, रेस्तरां अब लकड़ी, इंडक्शन, एलपीजी और चारकोल जैसे कई विकल्पों का मिश्रण इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाइप्ड गैस (PNG) पर स्विच करने की संभावना भी तलाशी जा रही है और “हाइब्रिड मॉडल” अपनाकर इस संकट से निपटने की कोशिश हो रही है, लेकिन स्थिति कब सामान्य होगी, इस पर अनिश्चितता बनी हुई है।

शहर के अधिकांश छोटे ढाबे और रेस्तरां इस समस्या से जूझ रहे हैं। एलपीजी आपूर्ति में लगातार बाधा के चलते कई कारोबार बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इसका असर ग्राहकों पर भी पड़ रहा है, जिन्हें अब ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है और खाने के विकल्प भी सीमित मिल रहे हैं।

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