नासिक का ‘ढोंगी बाबा’ बेनकाब: दुष्कर्म, जबरन गर्भपात और ब्लैकमेल से रचता था शिकार का जाल

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अंधविश्वास का जाल, हैवानियत की हदें: नासिक के ‘ढोंगी बाबा’ की करतूतों से खुलासा

नासिक में खुद को सिद्ध पुरुष बताने वाला कथित ज्योतिषी अशोक खरात अब पुलिस गिरफ्त में है और उसकी गतिविधियों को लेकर जांच में कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामले ने अंधविश्वास की आड़ में चल रहे शोषण के खतरनाक रूप को उजागर किया है।

जांच के अनुसार, खरात खुद को प्रभावशाली बताकर लोगों—खासकर महिलाओं—का भरोसा जीतता था। वह उनकी निजी और आर्थिक परिस्थितियों की जानकारी जुटाकर, डर और असुरक्षा का फायदा उठाता था। “चमत्कार” और “समाधान” के नाम पर वह मोटी रकम वसूलता और कथित अनुष्ठानों के लिए अपने ठिकाने पर बुलाता था।

पुलिस को उसके ठिकाने से कई आपत्तिजनक वीडियो, एक पिस्तौल और कारतूस मिले हैं। यह भी सामने आया है कि उसने माहौल को डरावना और रहस्यमय बनाने के लिए नकली सांप, टाइगर स्किन जैसी चीजों का इस्तेमाल किया, ताकि लोग उसके प्रभाव में आ जाएं।

कुछ पीड़िताओं के आरोपों के मुताबिक, उन्हें झांसा देकर या दबाव बनाकर यौन शोषण का शिकार बनाया गया। आरोप हैं कि कई मामलों में महिलाओं को बेहोश करने वाले पदार्थ दिए गए और आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर उन्हें ब्लैकमेल किया गया। कुछ ने जबरन गर्भपात कराने के भी आरोप लगाए हैं। इन दावों की जांच पुलिस कर रही है।

यह भी आरोप है कि वह परीक्षा, गर्भावस्था या निजी समस्याओं के नाम पर महिलाओं को बार-बार बुलाता और मना करने पर निजी जानकारी उजागर करने की धमकी देता था। कुछ मामलों में कथित तौर पर दूसरों के साथ संबंध बनाने के लिए दबाव डालने की बात भी सामने आई है।

जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ पुरुषों से भी उसने शादी या जीवनसाथी दिलाने के नाम पर पैसे लिए, हालांकि अब तक पुरुषों के यौन शोषण से जुड़े आरोप सामने नहीं आए हैं।

पुलिस का कहना है कि 18 मार्च को दर्ज शिकायत के बाद गिरफ्तारी हुई, और अब अन्य संभावित पीड़ित भी सामने आ रहे हैं। अदालत ने आरोपी को 24 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेजा है। मामले में भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र के काला जादू विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है।

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि अंधविश्वास और भय का फायदा उठाकर किस तरह लोगों का शोषण किया जा सकता है, और ऐसे मामलों में जागरूकता और सतर्कता कितनी जरूरी है।

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