अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित दूसरे दौर की बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन इसी बीच रॉयटर्स की एक रिपोर्ट ने कूटनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप शांति वार्ता में शामिल होने के लिए पाकिस्तान पहुंच सकते हैं, हालांकि उनके वर्चुअली जुड़ने की भी संभावना जताई गई है। रिपोर्ट में एक पाकिस्तानी सूत्र के हवाले से कहा गया है कि बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है और बुधवार को अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता हो सकती है।
ईरान का रुख अस्पष्ट
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अभी तक ईरान का कोई प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के लिए रवाना नहीं हुआ है, जिससे वार्ता को लेकर संशय बना हुआ है।
सीजफायर की समयसीमा अहम
दोनों देशों के बीच जारी संघर्षविराम की मियाद बुधवार को समाप्त हो रही है। अमेरिका को उम्मीद है कि बातचीत आगे बढ़ेगी, लेकिन ईरान ने अब तक स्पष्ट संकेत नहीं दिए हैं। होर्मुज क्षेत्र में अमेरिकी कार्रवाई के बाद तेहरान ने वार्ता से पीछे हटने की चेतावनी भी दी है।
इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ी
संभावित बातचीत को देखते हुए इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, शहर में करीब 20 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि जेडी वेंस वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंच सकते हैं।
ट्रंप की शर्तें स्पष्ट
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वार्ता का उद्देश्य सिर्फ युद्धविराम नहीं, बल्कि ईरान की परमाणु क्षमताओं को खत्म करना है। उन्होंने साफ किया कि किसी भी समझौते की शर्त ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह छोड़ना होगी। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि संभावित नया समझौता, बराक ओबामा के कार्यकाल में 2015 में हुए समझौते से बेहतर होगा, और डेमोक्रेट्स के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बातचीत में कोई जल्दबाजी नहीं की जा रही है।
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