स्पेन में राजनीतिक घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने सोमवार को समय से पहले आम चुनाव कराने का ऐलान कर दिया। देश में 29 नवंबर को मतदान होगा, जो निर्धारित कार्यक्रम से करीब आठ महीने पहले है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब स्पेन लंबे समय से जारी आवास संकट से जूझ रहा है। मकानों और किराए की बढ़ती कीमतों के खिलाफ हाल के दिनों में देश के कई शहरों में प्रदर्शन हुए हैं। किफायती आवास की मांग को लेकर लोगों का सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा था।
संसद में सरकार के प्रस्तावों को झटका
सांचेज सरकार को पिछले सप्ताह संसद में उस समय झटका लगा, जब दक्षिणपंथी विपक्षी दलों ने सरकार के दो आपातकालीन आदेशों के खिलाफ मतदान किया। इन प्रस्तावों में बेदखली के खिलाफ लोगों को अतिरिक्त सुरक्षा देने और रियल एस्टेट बाजार में सट्टेबाजी पर रोक लगाने से जुड़े उपाय शामिल थे।
विपक्ष के समर्थन नहीं मिलने के कारण सरकार के ये प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सके। इसके बाद समय से पहले चुनाव की संभावना को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। अब प्रधानमंत्री ने 29 नवंबर को मतदान कराने की तारीख तय कर दी है।
आवास संकट को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन
स्पेन में घरों की बढ़ती कीमत और किराए का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस के केंद्र में है। 87 वर्षीय एक महिला को घर से बेदखल किए जाने की घटना के बाद लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।
इसके बाद हजारों प्रदर्शनकारियों ने किराएदारों के लिए राहत और किफायती आवास की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन किया। राजधानी मैड्रिड में बड़े मार्च निकाले गए और सस्ते घरों की उपलब्धता बढ़ाने की मांग उठी।
पूर्वी शहर वालेंसिया में प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया।
सरकार के सामने बढ़ा राजनीतिक दबाव
आवास संकट से निपटने के लिए सांचेज सरकार ने कई आपातकालीन उपायों का प्रस्ताव रखा था, लेकिन दक्षिणपंथी विपक्ष के विरोध के कारण संसद में इन्हें समर्थन नहीं मिल सका। इसके बाद सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ गया।
अब 29 नवंबर के चुनाव में आवास संकट, मकानों की कीमतें, किराए और सरकार की सामाजिक नीतियां प्रमुख मुद्दों में शामिल रहने की संभावना है। चुनाव का परिणाम संसद में सत्ता के समीकरण पर भी असर डाल सकता है।
सांचेज ने जनता से की अपील
राष्ट्र के नाम संबोधन में पेड्रो सांचेज ने कहा कि अब स्पेन के लोगों को तय करना है कि वे देश का भविष्य किस दिशा में ले जाना चाहते हैं। उन्होंने एक व्यापक प्रगतिशील गठबंधन की जरूरत पर जोर दिया।
सांचेज ने दक्षिणपंथ और अति-दक्षिणपंथ की राजनीति का जिक्र करते हुए मतदाताओं के सामने दो अलग-अलग राजनीतिक विकल्पों का सवाल रखा। उन्होंने कहा कि देश को पीछे की ओर जाना है या खुलेपन, सामाजिक न्याय और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के रास्ते पर आगे बढ़ना है।
54 वर्षीय पेड्रो सांचेज 2018 से स्पेन के प्रधानमंत्री हैं। समय से पहले होने वाला यह चुनाव उनके नेतृत्व वाली सरकार के लिए एक अहम राजनीतिक परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है।
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