त्विषा शर्मा मौत मामला: ‘तीसरे शख्स’ की एंट्री से जांच को नई दिशा, प्रेग्नेंसी और रिश्तों के एंगल की पड़ताल में जुटी CBI
मॉडल और एक्टर त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई जांच के दौरान कई नए पहलू सामने आए हैं। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी अब दंपती के रिश्तों में कथित तौर पर किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर जांच का फोकस इस नए एंगल पर भी गया है।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को मिले इनपुट में ‘अमित’ नाम के एक व्यक्ति का जिक्र सामने आया है। इसके बाद एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस व्यक्ति का दंपती के वैवाहिक संबंधों पर कोई प्रभाव था और क्या इसका मामले से कोई संबंध बनता है।
जांच के दौरान प्रेग्नेंसी से जुड़ा पहलू भी सामने आया है। सूत्रों का दावा है कि त्विषा के गर्भवती होने के बाद पति समर्थ सिंह के मन में कई सवाल पैदा हुए थे, जिसके चलते दोनों के बीच तनाव बढ़ने लगा था। हालांकि, एजेंसी अभी इन दावों की पुष्टि के लिए उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों का मिलान कर रही है।
सीबीआई को यह भी जानकारी मिली है कि दंपती कथित तौर पर नशे से जुड़े कुछ पदार्थों का सेवन करते थे। इसी कड़ी में एजेंसी उन डॉक्टरों और मेडिकल विशेषज्ञों से भी पूछताछ करने की तैयारी कर रही है, जिन्होंने त्विषा का इलाज किया था। जांचकर्ताओं का उद्देश्य गर्भावस्था, स्वास्थ्य स्थिति और अन्य परिस्थितियों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करना है।
शनिवार को सीबीआई ने आरोपित सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह से अलग-अलग पूछताछ की। अधिकारियों ने घटना वाले दिन की परिस्थितियों और दोनों के बयानों में मौजूद तथ्यों को लेकर कई सवाल पूछे। एजेंसी अब उनके बयानों का अन्य साक्ष्यों के साथ मिलान कर रही है।
इस बीच, मामले की तह तक पहुंचने के लिए सीबीआई घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएशन की तैयारी कर रही है। इसके लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। जांच टीम त्विषा के वजन के बराबर डमी का इस्तेमाल कर यह समझने का प्रयास करेगी कि घटना के समय क्या परिस्थितियां रही होंगी और संबंधित पक्षों के दावे कितने तथ्यात्मक हैं।
एजेंसी उस बेल्ट की भी वैज्ञानिक जांच कराएगी, जिसके जरिए फंदा लगाए जाने की बात कही गई है। फोरेंसिक विशेषज्ञ बेल्ट की क्षमता और घटनास्थल से जुड़े अन्य तकनीकी पहलुओं का परीक्षण करेंगे।
मामले में एक महत्वपूर्ण साक्ष्य उस समय सामने आया जब घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम के साथ मौजूद आरक्षक राघवेंद्र द्वारा की गई 34 मिनट की वीडियोग्राफी जांच एजेंसी के हाथ लगी। सूत्रों के अनुसार, इस वीडियो ने घटनास्थल की स्थिति को समझने और कई अहम तथ्यों की पुष्टि करने में सीबीआई की मदद की है। इसी वजह से एजेंसी ने संबंधित पुलिसकर्मी की कार्यशैली की सराहना भी की है।
गौरतलब है कि 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में त्विषा शर्मा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। इसके बाद परिवार की शिकायत पर मामला चर्चा में आया और बाद में इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई। अब एजेंसी हर संभावित एंगल से मामले की जांच कर रही है।
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