हरदीप निज्जर की हत्या के 3 साल बाद गोल्डी बराड़ का बड़ा दावा, सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल

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निज्जर की हत्या पर गोल्डी बराड़ का बड़ा दावा, तीन साल बाद कथित ऑडियो से सामने आई नई बात

आतंकी घोषित गोल्डी बराड़ ने कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर कथित तौर पर बड़ा दावा किया है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक ऑडियो में बराड़ को निज्जर को निशाना बनवाने की जिम्मेदारी लेते हुए सुना जा सकता है। हालांकि, ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

निज्जर की 18 जून 2023 को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया स्थित सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। करीब तीन साल बाद सामने आए इस कथित ऑडियो में बराड़ की बातचीत आतंकी परमजीत सिंह उर्फ पम्मा से बताई जा रही है।

निज्जर से दुश्मनी का किया दावा

कथित ऑडियो में बराड़ दावा करता है कि उसके भाइयों की हत्या के बाद सुक्खा दुनेके और अर्श डल्ला जैसे लोग निज्जर की कोठी में रहते थे। बराड़ के अनुसार, उसके भाइयों को निशाना बनाने की साजिश जिन जगहों से रची गई, वे निज्जर से जुड़ी थीं। इसी वजह से उसके मन में निज्जर के खिलाफ गुस्सा था।

गुरुद्वारे के बाहर बनाया गया निशाना

बराड़ कथित तौर पर कहता है कि धार्मिक स्थल की मर्यादा को देखते हुए गुरुद्वारे के भीतर फायरिंग नहीं की गई। हमलावरों ने निज्जर के बाहर आने का इंतजार किया। वह यह भी दावा करता है कि उसे उम्मीद थी कि अर्श डल्ला भी निज्जर के साथ वाहन में मौजूद होगा।

करीब 50 राउंड चली थीं गोलियां

18 जून 2023 को निज्जर अपने ट्रक से सरे स्थित गुरुद्वारा परिसर की पार्किंग से बाहर निकल रहा था। इसी दौरान एक सफेद सेडान ने उसका रास्ता रोक दिया। इसके बाद दो नकाबपोश हमलावरों ने ड्राइविंग सीट की तरफ से गोलियां बरसा दीं।

रिपोर्टों के अनुसार, हमलावरों ने करीब 50 राउंड फायर किए थे। निज्जर को कई गोलियां लगीं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद हमलावर एक दूसरी कार में बैठकर फरार हो गए।

हत्या के बाद भारत-कनाडा में बढ़ा था तनाव

निज्जर की हत्या के बाद कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत सरकार के एजेंटों की संभावित भूमिका का आरोप लगाया था। भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था। इस विवाद के बाद दोनों देशों के रिश्तों में भारी तनाव पैदा हो गया था।

2024 में आतंकी घोषित हुआ बराड़

भारत सरकार ने जनवरी 2024 में गोल्डी बराड़ को यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित किया था। उस पर हत्या, जबरन वसूली और आतंकी गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क संचालित करने के आरोप हैं। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में भी बराड़ का नाम प्रमुख आरोपित के तौर पर सामने आया था।

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