Hanuman Ansh की रिकॉर्डतोड़ कमाई जारी, 30वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर बरसी दौलत

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डॉ. विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी रफ्तार बढ़ाते हुए शानदार प्रदर्शन किया है।

महज 2 करोड़ रुपये के बजट में तैयार इस डिवोशनल फिल्म को दर्शकों का जबरदस्त सपोर्ट मिला। शुरुआत में धीमी कमाई के बाद फिल्म ने तीसरे हफ्ते से ऐसी रफ्तार पकड़ी कि अब 30 दिन पूरे होने पर इसकी कमाई ने बड़ा आंकड़ा छू लिया है।

30वें दिन कितनी हुई कमाई?

‘हनुमान अंश’ ने सिनेमाघरों में पहले दिन करीब 10 लाख रुपये का कलेक्शन किया था। शुरुआती दो हफ्तों में फिल्म की कमाई उम्मीद के मुताबिक धीमी रही, लेकिन दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया ने तीसरे हफ्ते में फिल्म की किस्मत बदल दी।

वर्ड ऑफ माउथ मजबूत होने के साथ सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या बढ़ी और फिल्म की दैनिक कमाई करोड़ों में पहुंचने लगी। तीसरे और चौथे सप्ताह में फिल्म को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिला।

सैकनिल्क के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, रिलीज के 30वें दिन यानी शनिवार को फिल्म ने करीब 16.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ भारत में फिल्म का नेट कलेक्शन 99.38 करोड़ रुपये और ग्रॉस कलेक्शन 117.40 करोड़ रुपये हो गया है।

शनिवार को फिल्म ने 6,055 शोज के साथ करीब 62 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी दर्ज की।

‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन:

  • 30वें दिन: 16.50 करोड़ रुपये
  • नेट इंडिया कलेक्शन: 99.38 करोड़ रुपये
  • ग्रॉस इंडिया कलेक्शन: 117.40 करोड़ रुपये
  • बजट: करीब 2 करोड़ रुपये

किस पर आधारित है ‘हनुमान अंश’?

‘हनुमान अंश’ बायोग्राफिकल डिवोशनल ड्रामा फिल्म है। इसे डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने लिखा, निर्देशित और प्रोड्यूस किया है। फिल्म का निर्माण उनके बैनर ‘स्वयंभू मीडिया नेटवर्क’ के तहत हुआ है।

यह फिल्म उनकी किताब ‘डिवाइन डिटूर: दैट चेंज्ड माई लाइफ’ पर आधारित ट्रिलॉजी की पहली फिल्म है। कहानी आध्यात्मिक गुरु नीम करौली बाबा के जीवन और उनके आध्यात्मिक सफर पर केंद्रित है।

फिल्म में शोभिनव सत्या और चंदन आनंद मुख्य भूमिकाओं में नजर आते हैं।

क्या है फिल्म की कहानी?

फिल्म की कहानी आजादी से पहले के भारत की पृष्ठभूमि में शुरू होती है। इसमें लक्ष्मी नारायण नाम के एक युवा की जिंदगी को दिखाया गया है, जिसकी मां की मृत्यु के बाद उसका जीवन पूरी तरह बदल जाता है।

ईश्वर की तलाश में वह अपना घर छोड़कर उत्तर भारत की यात्रा पर निकल पड़ता है। इस सफर के दौरान उसे कई आध्यात्मिक अनुभव होते हैं और धीरे-धीरे उसका जीवन एक अलग दिशा में बढ़ता है। आगे चलकर यही युवक नीम करौली बाबा के रूप में प्रसिद्ध होता है।

फिल्म इसी परिवर्तन और आध्यात्मिक यात्रा को केंद्र में रखकर कहानी आगे बढ़ाती है।

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