अंकित बालियान केस में शूटरों की तलाश तेज, हरियाणा में STF की 8 टीमें सक्रिय; कपड़े बदलकर यूपी में घुसे थे बदमाश

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हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं।

पुलिस ने वारदात में शामिल चार शूटरों की पहचान कर ली है। इनमें से एक पर पहले से हत्या का केस दर्ज है, जबकि बाकी तीन छोटे अपराधों में शामिल रहे हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, चारों ने गैंग के सरगना के कहने पर अंकित की हत्या की। हत्याकांड के तार लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सहयोगी गोगी गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं। राजेश उर्फ पंपू गैंग की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस को शक है कि पंपू गैंग के एक बदमाश ने अंकित की रेकी की थी और शूटरों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई थी।

हरियाणा में 8 पुलिस टीमों ने डाला डेरा

मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने केस के खुलासे के लिए कुल 15 टीमें लगाई हैं। एसटीएफ के अलावा पुलिस की आठ टीमें हरियाणा में शूटरों की तलाश कर रही हैं। बदमाशों के कई करीबियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां शूटरों तक पहुंचने के करीब हैं, लेकिन अभी उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

1200 CCTV और 200 से ज्यादा मोबाइल नंबर खंगाले

पुलिस ने अब तक 1200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और 200 से ज्यादा संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच की है। जांच में पता चला कि चारों शूटर शाम 4:54 बजे मेरठ-करनाल हाईवे से शामली में दाखिल हुए थे। इसके बाद वे अलग-अलग रास्तों से घटनास्थल तक पहुंचे।

हत्या के करीब 20 मिनट बाद सभी शूटरों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए। इसके बाद वे अलग-अलग रास्तों से फरार हुए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के जरिए उनके पूरे रूट को ट्रेस कर रही है।

बिना नंबर प्लेट की बाइक से आए थे

26 अगस्त की शाम करीब 6:45 बजे अंकित बालियान की जिम से निकलते ही चार शूटरों ने गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। हमलावर बिना नंबर प्लेट वाली बाइक से पहुंचे थे। उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था और चेहरे भी नहीं ढके थे। पुलिस के मुताबिक, ऐसा संभवतः इसलिए किया गया ताकि वे आम लोगों की तरह नजर आएं और रास्ते में किसी को उन पर शक न हो।

वारदात से पहले रोहतक और हिसार से आए शूटरों ने हरियाणा सीमा के पास रुककर कपड़े बदले थे। इसके बाद वे शामली की ओर रवाना हुए।

करनाल में मिले, वहीं मिले थे हथियार

जांच में सामने आया है कि चारों शूटर करनाल के सेक्टर-4 में गोपी कुआं के पास मिले थे। सूत्रों के मुताबिक, यहीं उन्हें हथियार उपलब्ध कराए गए थे। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि शूटरों को हत्या के लिए ट्रेनिंग किसने दी और उन्हें हथियार मुहैया कराने वाला कौन था।

शूटरों के अलावा 8 संदिग्धों की भी तलाश

घटनास्थल के आसपास से जुटाए गए डंप डाटा और मोबाइल लोकेशन की जांच में पुलिस को शक है कि हत्या की साजिश में चार शूटरों के अलावा आठ अन्य लोग भी शामिल थे।

जांच के मुताबिक, दो शूटर वारदात के दौरान इन आठ संदिग्धों में से कुछ के लगातार संपर्क में थे। एक टीम शूटरों को रास्ते और लोकेशन से जुड़ी जानकारी लगातार उपलब्ध करा रही थी। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और हत्या के मास्टरमाइंड तक पहुंचने में जुटी है।

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