अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को खुद को “शांतिदूत” बताते हुए दावा किया कि उन्होंने अब तक आठ युद्ध या बड़े संघर्ष रुकवाए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों में भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करना भी शामिल है, जिससे करोड़ों लोगों की जान बच सकी।
ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही बातचीत को लेकर भी बड़ा संकेत दिया। एक टेलीफोन इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि दोनों देश “ऐतिहासिक समझौते” के बेहद करीब हैं और अब कोई बड़ी बाधा नहीं बची है। उनके मुताबिक, यह डील सभी पक्षों के लिए सकारात्मक साबित होगी।
उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह पहले से खुला है और आगे भी बंद नहीं होगा। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान इस अहम समुद्री मार्ग का इस्तेमाल दबाव बनाने के हथियार के रूप में नहीं करेगा और क्षेत्र में हालात बेहतर दिशा में बढ़ रहे हैं।
हालांकि, ट्रंप के इन दावों पर ईरान ने सख्त आपत्ति जताई है। तेहरान ने स्पष्ट किया कि उसके समृद्ध यूरेनियम भंडार को किसी अन्य देश को सौंपने को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि बातचीत अभी शुरुआती चरण में है और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बननी बाकी है। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी ईरान ने संकेत दिया कि उससे जुड़े फैसले उसकी अपनी शर्तों के अनुसार ही होंगे।
इस तरह, जहां ट्रंप समझौते को अंतिम चरण में बताते हुए तस्वीर को सकारात्मक दिखा रहे हैं, वहीं ईरान के बयान से साफ है कि बातचीत अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है।
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