शादी में गैस सिलिंडर पाना हुआ मुश्किल, पटना में कार्ड और गेस्ट लिस्ट की होगी जांच

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शादी-विवाह के सीजन में पटना में कमर्शियल गैस सिलिंडर को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है।

घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के कारण अब वैवाहिक समारोहों में कमर्शियल सिलिंडर का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि सीमित आपूर्ति के चलते प्रशासन ने इनकी उपलब्धता के लिए जांच प्रक्रिया भी लागू कर दी है।

अब सिर्फ आवेदन करने से सिलिंडर नहीं मिलेंगे। प्रशासन हर आवेदन की जांच कर यह सुनिश्चित करेगा कि शादी वास्तविक है, कार्ड सही है और मेहमानों की संख्या जरूरत के मुताबिक ही बताई गई है। इसके लिए संबंधित एसडीओ आवेदनकर्ताओं से मिलकर तथ्यों की पुष्टि भी करेंगे।

अधिकारियों के अनुसार, यह कदम सिलिंडर की कालाबाजारी और दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है। एडीएम (आपूर्ति) आरके दिवाकर ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति शादी के नाम पर सिलिंडर लेकर उसका गलत इस्तेमाल करता पाया गया, तो उसके खिलाफ एस्मा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति पहले से ही सीमित है। उपलब्ध सिलिंडरों में से करीब 20 प्रतिशत होटल और रेस्तरां को, जबकि 10 प्रतिशत स्ट्रीट वेंडरों को दिए जाते हैं। इसी हिस्से से शादी समारोहों के लिए भी सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे दबाव और बढ़ गया है।

फर्जी कार्ड और बढ़ा-चढ़ाकर मेहमानों की संख्या दिखाकर ज्यादा सिलिंडर लेने की शिकायतों के बाद प्रशासन ने यह सख्ती लागू की है। अब आयोजन स्थल और मेहमानों की संख्या की भी जांच की जा रही है।

अब तक 125 लोगों ने शादी के लिए कमर्शियल सिलिंडर के लिए आवेदन किया है। गैस कंपनियां इन आवेदनों की जांच के बाद उपलब्धता के आधार पर सिलिंडर दे रही हैं। 19 किलो के एक सिलिंडर की कीमत 2,353.50 रुपये है और इसके साथ 2,400 रुपये की सिक्योरिटी जमा करनी होती है, जो सिलिंडर लौटाने पर वापस मिल जाती है।

कैटरर्स के लिए भी नियम कड़े किए गए हैं। उन्हें अब जीएसटी या संबंधित विभाग से पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। वहीं आम लोगों को शादी का कार्ड, आधार कार्ड, गैस कनेक्शन बुक और मेहमानों की संख्या जैसी जानकारी देनी होगी।

प्रशासन का कहना है कि इन कदमों से सीमित आपूर्ति के बीच सही जरूरतमंदों तक गैस सिलिंडर पहुंचाने में मदद मिलेगी।

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