मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच टकराव लगातार तीखा होता जा रहा है। हालात अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गए हैं, जहां खाड़ी देशों की चिंता भी बढ़ने लगी है। इसी बीच ईरान ने क्षेत्रीय देशों को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है।
ईरानी सशस्त्र बलों के केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने बयान में कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान के बुनियादी ढांचे—जैसे ऊर्जा सुविधाएं और अहम आर्थिक ठिकाने—पर हमले जारी रखे, तो जवाबी कार्रवाई और ज्यादा व्यापक होगी। उन्होंने साफ किया कि ईरान सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन देशों को भी निशाना बनाया जा सकता है जहां अमेरिकी मौजूदगी है।
ईरान ने खाड़ी देशों को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि वे अपने यहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हटाने के लिए दबाव बनाएं। ईरानी कमान के मुताबिक, विदेशी सेनाओं की मौजूदगी ही इन देशों को संभावित हमलों के दायरे में ला रही है, और इससे बचने का एकमात्र तरीका उनकी वापसी सुनिश्चित करना है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान के नागरिक और रणनीतिक ढांचे को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी। इसके जवाब में ईरान ने भी स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी हमले का जवाब “जबरदस्त ताकत” से दिया जाएगा।
ईरान की इस चेतावनी ने पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है। अब नजर इस बात पर है कि खाड़ी देश इस दबाव के बीच क्या रुख अपनाते हैं, क्योंकि आने वाले दिनों में हालात और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं।
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