भारत पर निशाना साधने निकले पाक सेना के प्रवक्ता, ऑपरेशन सिंदूर पर अपने ही देश में हो गए ट्रोल

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ऑपरेशन सिंदूर पर भारत को घेरने निकले पाक सेना के प्रवक्ता, अपने ही देश में उड़ गई खिल्ली

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारत के खिलाफ बयानबाजी करना पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता को महंगा पड़ गया। भारतीय सैन्य अधिकारियों की अंग्रेजी को लेकर टिप्पणी करने वाले पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग आईएसपीआर के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी को सोशल मीडिया पर अपने ही देशवासियों के तीखे सवालों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।

भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्रवाई और उसके रणनीतिक प्रभावों की जानकारी दी थी। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए अहमद शरीफ चौधरी ने तंज कसते हुए पूछा कि भारतीय अधिकारी अंग्रेजी में क्यों बोल रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसा दुनिया को “भ्रमित” करने के लिए किया जा रहा है।

लेकिन उनका यह बयान पाकिस्तान में ही उल्टा पड़ गया। सोशल मीडिया पर कई पाकिस्तानी यूजर्स ने उनकी टिप्पणी का मजाक उड़ाया और सवाल उठाया कि जब पाकिस्तान सेना का अधिकांश आधिकारिक कामकाज अंग्रेजी में होता है तो भारतीय अधिकारियों की भाषा पर आपत्ति क्यों।

पूर्व पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी और पत्रकार आदिल फारूक राजा ने भी आईएसपीआर प्रमुख की आलोचना करते हुए कहा कि पाकिस्तान सेना में आदेश, फाइलें और बैठकों तक का काम अंग्रेजी में होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उर्दू का इस्तेमाल केवल जनता के सामने प्रचार और नैरेटिव गढ़ने के लिए किया जाता है।

सोशल मीडिया पर कई लोगों ने यह भी पूछा कि भाषा पर बहस करने के बजाय पाकिस्तानी सेना ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए नुकसान और सैन्य ठिकानों की स्थिति पर जवाब क्यों नहीं देती। कुछ यूजर्स ने आईएसपीआर पर दुष्प्रचार फैलाने और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।

पाकिस्तान में वायरल हो रही प्रतिक्रियाओं से साफ संकेत मिला कि सेना की आधिकारिक बयानबाजी को लेकर वहां के एक वर्ग में नाराजगी बढ़ रही है और लोग अब सवाल खुलकर उठाने लगे हैं।

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