संसद में आज सियासी संग्राम, विपक्ष को जवाब दे सकते हैं अमित शाह

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संसद के मानसून सत्र में गुरुवार को विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) संशोधन विधेयक, 2026 पर अहम चर्चा होने की संभावना है।

सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह इस विधेयक पर सदन में अपना बयान दे सकते हैं। मौजूदा गतिरोध के बीच यह उनका पहला बड़ा संसदीय संबोधन हो सकता है।

सरकार एफसीआरए संशोधन विधेयक को संसद में पेश कर चर्चा और पारित कराने की तैयारी में है। प्रस्तावित संशोधनों का उद्देश्य विदेशी फंडिंग से जुड़े नियमों को और कड़ा बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को मजबूत करना बताया जा रहा है। विधेयक में गैर-सरकारी संगठनों (NGO) और अन्य संस्थाओं के लिए पंजीकरण, ऑडिट, रिपोर्टिंग तथा संपत्ति संबंधी नियमों को सख्त करने का प्रस्ताव है।

दूसरी ओर, संसद का मानसून सत्र परिसीमन समेत कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच जारी टकराव की वजह से लगातार बाधित हो रहा है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित विपक्षी दल गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति और जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेर रहे हैं। विपक्ष गृह मंत्री से सदन में विस्तृत बयान की मांग कर रहा है।

सूत्रों के अनुसार, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान एफसीआरए संशोधन विधेयक पर अमित शाह के सदन में बोलने का प्रस्ताव रखा। माना जा रहा है कि इस दौरान शाह विपक्ष के आरोपों का जवाब भी दे सकते हैं, जिससे लंबे समय से जारी गतिरोध खत्म करने की दिशा में पहल हो सकती है।

सरकार को उम्मीद है कि एफसीआरए विधेयक पर चर्चा के जरिए सदन की कार्यवाही सामान्य होगी और मानसून सत्र के विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाया जा सकेगा। वहीं, विपक्ष इस मुद्दे के साथ-साथ अन्य राजनीतिक विषयों पर भी सरकार से जवाब मांगने की रणनीति पर कायम है।

इस बीच, जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि हिंसा में शामिल लोगों और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित ज्यादती करने वाले पुलिसकर्मियों, दोनों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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