पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सरकार ने सोमवार को आम लोगों को राहत देते हुए कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर और निर्बाध बनी हुई है। साथ ही स्पष्ट किया गया कि फिलहाल ईंधन और रसोई गैस की कीमतें बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।
एलपीजी की कोई किल्लत नहीं
पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि देशभर में एलपीजी सिलिंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और कहीं भी कमी की स्थिति नहीं है। खुदरा आउटलेट्स पर सप्लाई सामान्य है।
ऑनलाइन बुकिंग में भी तेजी आई है और रविवार को यह आंकड़ा करीब 99 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो अब तक के उच्च स्तरों में शामिल है। इसके बावजूद वितरण व्यवस्था पर कोई दबाव नहीं है।
पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर
अधिकारियों ने यह भी पुष्टि की कि पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। उपभोक्ताओं को तुरंत किसी तरह की महंगाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सरकार के मुताबिक, देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, जिससे आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।
ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस
वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए भारत ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठा रहा है। तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के भंडारण के लिए नए टैंक बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
Petronet LNG Limited के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, देश की गैस भंडारण क्षमता बढ़ाने की तैयारी चल रही है, ताकि आपूर्ति में किसी भी संभावित बाधा से निपटा जा सके।
भारत अपनी प्राकृतिक गैस जरूरतों का लगभग आधा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में सरकार दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।
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