स्पेन ने उत्तरी अफ्रीका स्थित अपने शहर स्यूटा (Ceuta) में हुए बड़े प्रवासी संकट पर तेजी से कार्रवाई करते हुए दावा किया है
जुलाई को अनियमित तरीके से सीमा पार करने वाले करीब 50 हजार लोगों में से 48 हजार से अधिक को 48 घंटे के भीतर मोरक्को वापस भेज दिया गया। सरकार का कहना है कि इस अभियान के बाद सीमा पर हालात काफी हद तक सामान्य हो गए हैं। स्पेन के गृह मंत्रालय के मुताबिक, बड़ी संख्या में प्रवासियों ने मोरक्को की ओर से तैरकर या समुद्र में बने ब्रेकवाटर को पार कर स्यूटा में प्रवेश किया था। यह संख्या शहर की कुल आबादी के बड़े हिस्से के बराबर थी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन पर अचानक भारी दबाव पड़ गया।
प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा कि स्पेन ने मोरक्को के साथ समन्वय बनाकर बड़े स्तर पर वापसी अभियान चलाया। इसके तहत अधिकांश अनियमित प्रवासियों को वापस भेज दिया गया, सीमा पर नियंत्रण दोबारा स्थापित किया गया और उन्हें यूरोप के अन्य हिस्सों की ओर बढ़ने से भी रोका गया। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान जरूरतमंद लोगों को मानवीय सहायता भी उपलब्ध कराई गई।
सुरक्षा बलों ने ऐसे संभाले हालात
प्रशासन के अनुसार, हालात को काबू में करने के लिए स्पेनिश सेना, अतिरिक्त पुलिस बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तत्काल तैनात किया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार, आंसू गैस और चेतावनी स्वरूप हवाई फायरिंग का इस्तेमाल किया गया। दूसरी ओर, मोरक्को की सुरक्षा एजेंसियों ने भी अपनी सीमा पर कार्रवाई तेज की।
इस दौरान कई प्रवासियों के डूबने और भगदड़ में मारे जाने की खबरें भी सामने आईं। अधिकारियों का कहना है कि राहत और बचाव कार्य के साथ-साथ सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता रही।
सीमा पर बढ़ाई गई निगरानी
स्यूटा के प्रशासन प्रमुख जुआन जेसुस विवास ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए मानव तस्करी नेटवर्क पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तस्कर बेहतर भविष्य का झांसा देकर लोगों को जानलेवा रास्तों से यूरोप पहुंचने के लिए मजबूर करते हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्पेन ने सीमा पर लगभग 500 मीटर लंबा अस्थायी इनफ्लेटेबल बैरियर भी लगाया है।
यूरोप में बढ़ी सख्ती
घटना के बाद इटली और फ्रांस ने स्पेन से आने वाले लोगों की जांच और कड़ी कर दी है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि अवैध सीमा पार करने की घटनाओं पर तुरंत रोक लगनी चाहिए, मानव तस्करी के नेटवर्क को खत्म किया जाना चाहिए और अवैध प्रवासियों की वापसी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए।
इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने भी इस घटना को यूरोप के लिए चेतावनी करार देते हुए कहा कि बाहरी सीमाओं की सुरक्षा मजबूत करना समय की जरूरत है। उन्होंने 22 यूरोपीय संघ देशों के उस संयुक्त प्रस्ताव का भी उल्लेख किया, जिसमें अवैध आव्रजन रोकने, तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई तेज करने और वापसी प्रक्रिया को मजबूत बनाने की मांग की गई है।
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