बंगाल, यूपी और बिहार में तूफानी मौसम का तांडव, 34 से ज्यादा लोगों की मौत

4

आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से उत्तर भारत में तबाही, यूपी में 20 और बिहार में 14 की मौत

भीषण गर्मी के बाद गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ली और पश्चिमी विक्षोभ के असर से तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं के चलते पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बाधित हुई और रेल व हवाई सेवाएं प्रभावित रहीं।

सबसे ज्यादा नुकसान उत्तर प्रदेश में हुआ, जहां वर्षाजनित हादसों में 20 लोगों की मौत हो गई। बिहार में 14, उत्तराखंड में 2 और झारखंड में 2 लोगों की जान गई। कई इलाकों में मकान क्षतिग्रस्त हुए और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड और पूर्वांचल सबसे अधिक प्रभावित रहे। वाराणसी में 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली, जबकि प्रयागराज में 55 साल पुराना बारिश का रिकॉर्ड टूट गया। चार घंटे में 61 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाके जलमग्न हो गए।

रेलवे सेवाओं पर भी बड़ा असर पड़ा। चौरीचौरा और गौरी बाजार के बीच ट्रैक पर पेड़ गिरने से संचालन बाधित हुआ, जबकि उरई-भुआ खंड में ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन का खंभा टूटने से झांसी-लखनऊ रेलखंड पर ट्रेनें रोकनी पड़ीं। बिहार में पटना और गया में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जबकि मोतिहारी में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। कोडरमा रेलखंड पर ट्रेन संचालन घंटों बाधित रहा और पटना एयरपोर्ट से कई उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा तथा दर्जनों फ्लाइट्स देरी से चलीं।

उत्तराखंड के तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से लखनऊ के दो सगे भाइयों की मौत हो गई और तीन लोग घायल हुए। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी तेज हवाओं और ओलावृष्टि से मौसम में बदलाव दर्ज किया गया। दक्षिण बंगाल में आए तूफान और बारिश ने भी कहर बरपाया, जहां सात लोगों की मौत हुई और कई घायल हो गए। 70–88 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने कई जिलों में नुकसान पहुंचाया। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे की घोषणा की है।

कुल मिलाकर, अचानक बदले मौसम ने उत्तर से पूर्व और पूर्वी भारत तक व्यापक तबाही मचाई, हालांकि कुछ इलाकों में बारिश ने गर्मी से राहत भी दी है।

Comments are closed.