अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव का असर अब वैश्विक समुद्री व्यापार पर भी दिखाई देने लगा है।
गुरुवार रात दोनों देशों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए, जिसके चलते करीब 24 घंटे तक इस अहम समुद्री मार्ग से एक भी जहाज नहीं गुजर सका। सुरक्षा जोखिम बढ़ने के कारण कई जहाजों ने अपनी आवाजाही रोक दी।
मरीन ट्रैफिक के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका-ईरान संघर्ष तेज होने से पहले होर्मुज स्ट्रेट से रोजाना औसतन 130 से अधिक जहाज गुजरते थे। लेकिन ताजा तनाव के बाद समुद्री कंपनियों ने जहाजों की आवाजाही सीमित कर दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
कतर का LNG टैंकर पहुंचा होर्मुज के करीब
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को कतर का एलएनजी टैंकर ‘अल खरैतियात’ होर्मुज स्ट्रेट की ओर बढ़ता दिखाई दिया। एलएसईजी शिपिंग डेटा के अनुसार यह जहाज कतर के रास लाफान बंदरगाह से पाकिस्तान के पोर्ट कासिम के लिए रवाना हुआ है।
मार्शल आइलैंड के झंडे वाला यह टैंकर नकीलात शिपिंग कतर लिमिटेड द्वारा संचालित किया जाता है और इसमें करीब 2,11,986 घन मीटर एलएनजी ले जाने की क्षमता है। यदि यह जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर लेता है, तो संघर्ष शुरू होने के बाद यह कतर का पहला सफल एलएनजी ट्रांजिट होगा।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर कतर एनर्जी ने फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
ईरान ने रोके कतर के दो जहाज
तनाव के बीच ईरान ने कतर के दो जहाज—‘अल दायन’ और ‘रशीदा’—को छह अप्रैल से होर्मुज स्ट्रेट में रोक रखा है। रिपोर्टों के मुताबिक जहाजों को रोके जाने की वजह स्पष्ट नहीं की गई है।
इसके बाद खाड़ी देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाना शुरू कर दिया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कुवैत और अमेरिका मिलकर एक प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं, जिसमें ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने और अन्य दंडात्मक कदम उठाने की मांग की गई है।
होर्मुज को लेकर बढ़ी वैश्विक चिंता
प्रस्ताव में कहा गया है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमले तुरंत रोके, कथित अवैध टोल वसूली बंद करे और समुद्री मार्ग में बिछाई गई बारूदी सुरंगों की जानकारी साझा करे, ताकि अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात सामान्य हो सके।
दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल और गैस आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरती है। ऐसे में इस इलाके में बढ़ता तनाव केवल पश्चिम एशिया ही नहीं, बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार के लिए चिंता का विषय बन गया है।
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