क्या आप जानते हैं कि हार्ट अटैक के मामले सुबह के समय सबसे ज्यादा सामने आते हैं?
सुनने में भले अजीब लगे, लेकिन इसके पीछे वैज्ञानिक कारण हैं। कई शोध बताते हैं कि रात के मुकाबले सुबह 6 से 10 बजे के बीच हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। आइए समझते हैं क्यों—
सुबह क्यों बढ़ जाता है खतरा?
1. ब्लड प्रेशर और स्ट्रेस हार्मोन का ‘मॉर्निंग सर्ज’
नींद के दौरान ब्लड प्रेशर कम रहता है, लेकिन जागने पर शरीर एक्टिव होने लगता है। इस दौरान कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन तेजी से बढ़ते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट अचानक ऊपर जाते हैं। अगर किसी की धमनियां पहले से संकरी या ब्लॉकेज वाली हैं, तो यह बदलाव हार्ट अटैक ट्रिगर कर सकता है।
2. खून का गाढ़ा होना और क्लॉटिंग का जोखिम
सुबह के समय खून अपेक्षाकृत ज्यादा गाढ़ा होता है। ऐसी स्थिति में अगर धमनियों में प्लाक जमा है, तो ब्लड क्लॉट बनने का खतरा बढ़ जाता है। यही क्लॉट दिल तक जाने वाले ब्लड फ्लो को रोक सकता है।
3. रातभर की डिहाइड्रेशन
7–8 घंटे की नींद के दौरान पानी न पीने से शरीर हल्का डिहाइड्रेटेड हो जाता है। इससे खून गाढ़ा हो जाता है और दिल को उसे पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है—जो दिल पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
4. स्लीप डिसऑर्डर का असर
स्लीप एपनिया जैसी समस्याओं में नींद के दौरान सांस बार-बार रुकती है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिरता है। इससे सूजन बढ़ती है और सुबह उठते ही दिल पर ज्यादा तनाव पड़ता है। साथ ही, खराब नींद हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और मोटापे के जोखिम को भी बढ़ाती है।
बचाव के लिए क्या करें?
धीरे उठें: अलार्म बजते ही झटके से उठने के बजाय 3–5 मिनट बैठकर शरीर को सामान्य होने दें।
हाइड्रेशन जरूरी: सुबह उठते ही एक गिलास पानी जरूर पिएं।
दवाइयों का सही समय: ब्लड प्रेशर या शुगर की दवाएं डॉक्टर की सलाह के अनुसार लें।
भारी वर्कआउट से बचें: खासकर ठंड के मौसम में सुबह-सुबह बहुत ज्यादा जोरदार एक्सरसाइज न करें, खासकर यदि आप हार्ट पेशेंट हैं।
नींद का ध्यान रखें: रोजाना 7–8 घंटे की अच्छी नींद लेना दिल की सेहत के लिए बेहद जरूरी है।
Comments are closed.