बिहार राज्यसभा चुनाव: 3 विधायकों ने वोट नहीं डाला, कांग्रेस कार्रवाई क्यों नहीं कर पा रही

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बिहार में 5 सीटों के लिए हुए राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने सभी सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस-आरजेडी महागठबंधन का खाता नहीं खुल सका।

इसमें सबसे बड़ी वजह रही कांग्रेस के तीन विधायकों का वोटिंग में शामिल न होना। हालांकि पार्टी नेताओं का कहना है कि इन तीनों पर कार्रवाई की संभावना है, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे लागू करना फिलहाल संभव नहीं है।

कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही

बिहार कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार, किसी विधायक के खिलाफ़ कार्रवाई तभी की जा सकती है जब उसने पार्टी के स्पष्ट आदेश या व्हिप का उल्लंघन किया हो। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ने कोई व्हिप जारी नहीं किया था। इसलिए तीनों विधायकों पर औपचारिक रूप से कार्रवाई करना फिलहाल कठिन है।

विधायक दल का नेता अभी तक नहीं चुना गया

पिछले साल नवंबर में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के छह विधायक जीते थे। परंपरा के अनुसार, विधायक दल का नेता चुना जाता है, जो अपने विधायकों को निर्देश और व्हिप जारी करता है। लगभग चार महीने बीत जाने के बाद भी बिहार कांग्रेस ने विधायक दल का नेता नियुक्त नहीं किया।

व्हिप न होने का प्रभाव

चुनाव में व्हिप जारी न होने के कारण पार्टी तकनीकी रूप से तीनों विधायकों के खिलाफ़ दल-बदल कानून के तहत कोई कदम नहीं उठा सकती। विधानसभा स्पीकर को इस संबंध में औपचारिक सूचना देने के लिए व्हिप का होना जरूरी होता है। बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस मामले में “पार्टी के हाथ बंधे हैं”।

तीनों विधायकों के खिलाफ़ कोई कार्रवाई न कर पाने का मुख्य कारण संगठनात्मक और तकनीकी कमजोरी है। विधायक दल का नेता और व्हिप न होने से पार्टी अपने विधायकों को निर्देशित करने में असमर्थ रही, जिससे राज्यसभा चुनाव में इसका असर पड़ा।

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