टीसीएस नासिक से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ और मतांतरण के प्रयास के मामले में फरार चल रही आरोपी निदा खान ने अब अग्रिम जमानत के लिए कानूनी कोशिशें तेज कर दी हैं। बचाव पक्ष का कहना है कि वह गर्भवती है और इसी आधार पर अदालत से राहत मांगी जाएगी।
उनके वकील बाबा सय्यद के मुताबिक, एक-दो दिनों में अग्रिम जमानत याचिका दायर की जाएगी। मार्च के अंत में इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही निदा खान फरार बताई जा रही है। पुलिस इस केस में अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें दानिश शेख, तौसिफ अत्तार, शाह रुख हुसैन कुरैशी, रजा रफीक मेमन, आसिफ अंसारी, शफी शेख और अश्विनी चैनानी शामिल हैं। हालांकि, मुख्य आरोपी मानी जा रही निदा खान अब भी गिरफ्त से बाहर है।
उसकी तलाश के लिए पुलिस ने तीन विशेष टीमें गठित की हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। ठाणे जिले के मुंब्रा में रहने वाले उसके पति से भी पूछताछ की गई है। पुलिस को शक है कि वह रिश्तेदारों के यहां छिपी हो सकती है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। उसका मोबाइल फोन भी बंद बताया जा रहा है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, कंपनी के भीतर एक समूह बनाकर संगठित तरीके से इन गतिविधियों को अंजाम दिया गया। दर्ज मामलों में निदा खान का नाम शुरुआती एफआईआर में शामिल है।
आरोप है कि जुलाई 2022 से फरवरी 2026 के बीच पीड़िता पर धार्मिक प्रभाव डालने और उसकी भावनाएं आहत करने की कोशिश की गई। इसके अलावा एक आरोपी पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और दूसरे पर ऑफिस परिसर में अनुचित व्यवहार करने का आरोप है।
जांच में यह भी सामने आया है कि निदा खान कथित तौर पर अन्य आरोपियों और पीड़िताओं के बीच संपर्क स्थापित करने में सक्रिय भूमिका निभा रही थी। करीब 22 दिनों से फरार रहने के बाद अब उसने अदालत से राहत पाने की कोशिश शुरू कर दी है।
हालांकि, बचाव पक्ष ने सभी आरोपों को खारिज किया है। वकील का कहना है कि उनके मुवक्किल के खिलाफ मतांतरण या उत्पीड़न के आरोप निराधार हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि निदा खान कंपनी में एचआर मैनेजर नहीं, बल्कि प्रोसेस एसोसिएट के रूप में कार्यरत थी।
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