राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा एक्शन, आरोपियों की अवैध संपत्तियां होंगी अटैच

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आठों आरोपितों के खिलाफ पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है।

अब आरोपितों की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और निवेश की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति मिलने की पुष्टि होती है, तो उन्हें अटैच (कुर्क) करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मामले में कुछ अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है और आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

पुलिस जांच में अब तक आरोपितों के पास से जमीन खरीद, निवेश, फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी), बैंक दस्तावेज, आभूषण और नकदी से जुड़े कई अहम रिकॉर्ड मिले हैं। साथ ही पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक और केनरा बैंक से आरोपितों के खातों का विवरण भी जुटाया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद जरूरत पड़ने पर संबंधित बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार सभी आरोपितों को विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) की अदालत ने 13 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इसी क्रम में मंगलवार को विवेचक क्षेत्राधिकारी आशुतोष त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मंडल कारागार पहुंचकर आरोपी अविनाश शुक्ल से करीब दो घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान उससे विभिन्न मदों में खर्च किए गए धन, आय के स्रोत और बरामद नकदी से जुड़े कई सवाल पूछे गए। पुलिस ने यह भी जानने का प्रयास किया कि पांच जून को उसके घर धन बरामदगी के दौरान कौन-कौन मौजूद था और कथित तौर पर वह किसके निर्देश पर काम कर रहा था।

जांच के सिलसिले में पुलिस ने अब तक 60 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए चिन्हित किया है। इनमें राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र समेत कई अन्य लोग शामिल हैं। मंगलवार को पुलिस की एक टीम कारसेवकपुरम पहुंची और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से आरोपित कर्मचारियों की नियुक्ति, सत्यापन और उनकी जिम्मेदारियों को लेकर जानकारी ली।

सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान अविनाश शुक्ल ने अन्य आरोपितों की संपत्तियों और निवेश से जुड़ी जानकारियां भी पुलिस को दी हैं। इन सुरागों के आधार पर पुलिस आगे आरोपितों की रिमांड लेने पर विचार कर सकती है। जांच में टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय और सुभाष श्रीवास्तव से जुड़े जमीन खरीद, एफडी, बैंक कार्ड और अन्य निवेश के दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी जांच जारी है।

वहीं, रुदौली तहसील के निबंधन कार्यालय में भी पुलिस ने लवकुश मिश्र के नाम दर्ज संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगाला। अधिकारियों ने कई घंटे तक रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर संपत्तियों के स्रोत और खरीद-बिक्री का ब्योरा जुटाया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल सभी आरोपितों की आय के स्रोत, बैंक लेनदेन और संपत्तियों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच में यदि यह साबित होता है कि संपत्तियां वैध आय से अधिक अर्जित की गई हैं, तो कानून के तहत उन्हें अटैच करने की कार्रवाई की जाएगी।

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