हरियाणा के बहादुरगढ़-बालौर बाईपास पर मंगलवार देर रात पुलिस और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित शूटरों के बीच हुई मुठभेड़ में दो बदमाश मारे गए।
पुलिस के मुताबिक, दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और वे हांसी के चर्चित जिम संचालक हत्याकांड में वांछित थे। मारे गए आरोपियों की पहचान हिसार के टिब्बा दानाशेर निवासी प्रवेश और जाखोड़ खेड़ा निवासी हिमांशु के रूप में हुई है। कार्रवाई हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से की।
एसटीएफ के एसपी विक्रांत भूषण ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी बहादुरगढ़ क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इसके बाद संयुक्त टीम ने इलाके में घेराबंदी कर संदिग्धों को रोकने की कोशिश की।
पुलिस का कहना है कि खुद को घिरा देख आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। दोनों पक्षों के बीच करीब 12 से 13 राउंड फायरिंग हुई, जिसमें दोनों आरोपी मारे गए।
मुठभेड़ के दौरान एक पुलिस कॉन्स्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए हायर सेंटर भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने चार अन्य पुलिसकर्मियों पर भी गोलियां चलाईं, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने के कारण वे सुरक्षित बच गए।
घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और मुठभेड़ से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
Comments are closed.