इंद्रनील सेन के ठिकानों समेत कोलकाता में 15 जगह ED की रेड, दुर्गा पूजा टिकट मामले में कार्रवाई

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दुर्गा पूजा पास घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन के ठिकानों पर छापेमारी

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा से पहले कथित वित्तीय अनियमितता और जालसाजी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार तड़के बड़ी कार्रवाई शुरू की। एजेंसी ने राज्य के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और उनके करीबियों से जुड़े कोलकाता के करीब 15 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।

ED की टीमें कसबा स्थित इंद्रनील सेन के आवास के अलावा हिंदुस्तान पार्क और हाइलैंड पार्क समेत कई स्थानों पर पहुंचीं। तलाशी की कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 17 के तहत की जा रही है।

‘मास आर्ट’ के दुर्गा पूजा प्रिव्यू शो की जांच

जांच का केंद्र ‘मास आर्ट’ नामक संस्था की ओर से आयोजित किए जाने वाले दुर्गा पूजा प्रिव्यू शो हैं। ED के अनुसार, 2021 में कोलकाता की दुर्गा पूजा को यूनेस्को की ‘अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ सूची में शामिल किए जाने के बाद इस संस्था का गठन किया गया था।

आरोप है कि संस्था ने यूनेस्को की अनुमति के बिना उसके नाम और लोगो का इस्तेमाल किया और खुद को संगठन का आधिकारिक साझेदार बताया।

यूनेस्को के नाम पर करोड़ों रुपये जुटाने का आरोप

जांच एजेंसी के मुताबिक, मास आर्ट ने कोलकाता के 24 प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों को यूनेस्को द्वारा चयनित बताकर प्रिव्यू शो के पास बेचे। इन पासों की कीमत 1,749 रुपये से लेकर 5,499 रुपये तक रखी गई थी।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2022 से 2024 के बीच करीब 1.14 लाख लोगों ने इन आयोजनों के लिए पंजीकरण कराया। जांच में करीब 50 से 60 करोड़ रुपये जुटाए जाने और कथित तौर पर इस रकम के निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किए जाने की आशंका है।

इंद्रनील सेन और पत्नी के खिलाफ शिकायत

मामले में जून में बाहूबाजार थाने में पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन, उनकी पत्नी मधुछंदा सेन और मास आर्ट के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी।

अब ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रिव्यू शो के लिए बेचे गए पासों से जुटाई गई रकम किन बैंक खातों में पहुंची और कथित वित्तीय लेनदेन में कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच के दौरान एजेंसी दस्तावेजों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है।

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