मॉडल एवं अभिनेत्री त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सेवानिवृत्त जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके पुत्र समर्थ सिंह 2 जून से भोपाल की सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं।
अदालत के निर्देशों के बाद जेल प्रशासन ने उनकी सुरक्षा को लेकर निगरानी व्यवस्था और कड़ी कर दी है। दोनों की सुरक्षा के लिए जेल में कुल 12 प्रहरियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही पहले से मौजूद 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी के अलावा बैरकों के आसपास अतिरिक्त कैमरे भी लगाए गए हैं ताकि हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा सके।
शुरुआती दिनों में विशेष निगरानी में रखे गए समर्थ सिंह को अब सामान्य बैरक में शिफ्ट कर दिया गया है, लेकिन उनकी सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं दी गई है। उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अलग से पांच प्रहरियों की ड्यूटी लगाई गई है।
वहीं महिला जेल में बंद गिरिबाला सिंह की सुरक्षा के लिए सात महिला प्रहरियों की तैनाती की गई है। महिला सेल और अस्पताल वार्ड के आसपास भी अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।
जेल प्रशासन के अनुसार, गिरिबाला सिंह के न्यायिक कार्यकाल में कई चर्चित मामलों में फैसले दिए गए थे, और इनमें से कई दोषी वर्तमान में इसी जेल में बंद हैं। इसी कारण उन कैदियों की गतिविधियों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो।
इस बीच सीबीआई जांच में फॉरेंसिक रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक चैट्स और संबंधित लोगों के बयानों का विश्लेषण किया जा रहा है। इन सभी तथ्यों के आधार पर विस्तृत प्रश्नावली तैयार कर विशेषज्ञों की राय ली जाएगी, जिसके बाद आरोपपत्र की दिशा तय होगी।
सीबीआई को एम्स दिल्ली में हुए दूसरे पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का भी इंतजार है, जो जांच की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
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